अमेठी सिटी। बेसिक शिक्षा विभाग में तैनात जिला समन्वयक शशिकांत सेन सहित कई लोगों के साथ नौकरी के लिए फर्जी नियुक्ति पत्र देने का झांसा देकर 37 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित की शिकायत पर पहले कोई कार्रवाई नहीं हुई। बाद में कोर्ट के निर्देश पर गौरीगंज पुलिस ने आरोपी दंपती के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज किया है।
पीड़ित शशिकांत सेन वर्तमान में बीएसए कार्यालय अमेठी में जिला समन्वयक के पद पर कार्यरत हैं और गौरीगंज कस्बे में किराए पर रहते हैं। उन्होंने बताया कि दो साल पहले वाराणसी निवासी आशीष सिंह से जान-पहचान हुई। बातचीत के दौरान आशीष ने खुद को विश्वविद्यालय से जुड़ा बताया और दावा किया कि उसकी पत्नी फूलकुमारी बनारस हिंदू विश्वविद्यालय में सुपरवाइजर है। उसने कहा कि बीएचयू में चतुर्थ श्रेणी (माली, चपरासी) के पदों पर भर्ती हो रही है और वह नौकरी लगवा सकता है।
शशिकांत ने भरोसा कर अपनी पत्नी समेत कई परिचितों के नाम से आवेदन करवाया और गूगल पे और फोन पे के जरिए कुल 36 लाख 83 हजार 840 रुपये आरोपी दंपती के खाते में भेज दिए। चार अक्तूबर 2023 को दो आवेदकों को नियुक्ति पत्र भी दिए गए, लेकिन जब वे बनारस हिंदू विश्वविद्यालय पहुंचे तो पता चला कि नियुक्ति फर्जी हैं और वहां कोई भर्ती निकली ही नहीं थी। धोखाधड़ी का पता चलने पर जब पीड़ितों ने पैसे वापस मांगे तो आरोपी ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी।
स्थानीय पुलिस से शिकायत करने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। आखिरकार पीड़ित ने अदालत का दरवाजा खटखटाया। इंस्पेक्टर श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि कोर्ट के निर्देश पर आशीष सिंह और उसकी पत्नी फूलकुमारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।