जायस। राजीव गांधी पेट्रोलियम प्रौद्योगिकी संस्थान का नौवां दीक्षांत समारोह रविवार को जायस परिसर में हुआ। 2025 बैच के विद्यार्थियों को उपाधि और मेडल प्रदान किए गए। परिसर में छात्र, शिक्षक, आमंत्रित अतिथि और अभिभावक मौजूद रहे।
समारोह में 321 विद्यार्थियों को उपाधि मिली। इनमें 19 पीएचडी, 33 एमबीए, आठ एमटेक, 164 बीटेक और 97 डिप्लोमा विद्यार्थी शामिल रहे। पढ़ाई पूरी करने के बाद सभी ने नए लक्ष्य तय कर आगे बढ़ने का संकल्प दोहराया। निदेशक प्रो. हरीश हीरानी ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष संस्थान में कई शैक्षणिक गतिविधियां मजबूत हुईं। अनुसंधान, प्रशिक्षण और समुदाय से जुड़े कार्यक्रमों में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई। मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देकर सम्मानित किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. शेखर सी मंडे, विशिष्ट अतिथि सपना श्रीकांत और बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के अध्यक्ष आचार्य अनिरुद्ध बी पंडित ने विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र दिए। केंद्रीय मंत्री हर्षदीप सिंह पुरी ने वर्चुअल संदेश में संस्थान की उपलब्धियों को ऊर्जा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण बताया। मुख्य अतिथि ने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को जिज्ञासा और धैर्य बनाए रखने की प्रेरणा देते हुए नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने का आग्रह किया।
वार्षिक रिपोर्ट में निदेशक ने संस्थान में हुए प्रमुख विकासों पर प्रकाश डाला। दीक्षांत समारोह में पहुंचे अभिभावकों ने उपाधि प्राप्त विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
इनको मिला सम्मान
राष्ट्रपति गोल्ड मेडल बीटेक के आदर्श आनंद और डिप्लोमा की जिंपी दत्ता को मिला। निदेशक गोल्ड मेडल बीटेक के आदित्य राज कश्यप और डिप्लोमा की गर्गी मेधि को दिया गया। इंस्टीट्यूट गोल्ड मेडल बीटेक में अर्जुन कृष्ण (सीई), यशस्वी रावत (सीएसई), राम एस अय्यर (ईसी), निलेश गुप्ता (आईटी), आदर्श आनंद (एमएंडसी) और सोमाभा भट्टाचार्य (पीई) को मिला। एमबीए की दीप्ति कमल और डिप्लोमा के कौस्तव हजारीका, कौशिक तालुकदार, मो. जीशानुल अमान अली, शिव बोरा और जिंपी दत्ता को भी पदक मिले।