सेमरौता में हाथ पंखे से हवा लेती महिलाएं। -संवाद
अमेठी सिटी। बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद अब लोगों में कम होती जा रही है। शहर हो या गांव, शाम ढलते ही लोग घरों के बाहर रात गुजारने की तैयारी करने लगते हैं। कहीं छतों पर मच्छरदानी तनी दिख रही है तो कहीं लोग हाथ पंखे के सहारे रात गुजारने को मजबूर हैं। उमस भरी गर्मी में तमाम लोग घरों से बाहर रात बिता रहे हैं।
एक पखवाड़े से रात में हो रही अघोषित बिजली कटौती से उपभोक्ताओं में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। बिजली न मिलने से तीन लाख उपभोक्ता परेशान हैं। दिन में भी हर घंटे तीन से चार बार ट्रिपिंग हो रही है, जबकि रात में तीन से सात घंटे तक बिजली गायब रहने से लोग उमस से परेशान हैं। पंखे और कूलर बंद होते ही घरों में रहना मुश्किल हो जा रहा है।
अमेठी कस्बे में कई दिनों से बिजली संकट झेल रहे उपभोक्ताओं को शनिवार रात कुछ राहत मिली। शुकुलपुर, पीठीपुर और खरौना उपकेंद्रों से जुड़े क्षेत्रों में रात करीब 10:30 बजे आपूर्ति बंद हुई, जो रात एक बजे बहाल कर दी गई। शहर क्षेत्र में भी तीन बार में करीब दो घंटे ही कटौती हुई। एसडीओ लालजी ने बताया कि बढ़े लोड और तकनीकी समस्याओं को दूर करने के लिए टीम लगातार काम कर रही है।
डेढ़ लाख की आबादी कटौती से बेहाल
संग्रामपुर। जिरहा बड़गांव, पीठीपुर और शुकुलपुर ठेंगहा पावर हाउस से जुड़े क्षेत्रों में अघोषित बिजली कटौती से करीब डेढ़ लाख की आबादी प्रभावित है। शाम सात से रात ढाई बजे तक लगातार कटौती हो रही है। हर आधे घंटे की आपूर्ति के बाद बिजली गायब हो जा रही है। लगातार हो रही कटौती से ग्रामीणों में आक्रोश है।