जायस (अमेठी)। ब्लॉक क्षेत्र बहादुरपुर के 83 परिषदीय विद्यालयों में मध्याह्न भोजन बनाने के लिए 216 रसोइयों की नियुक्ति है। नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद इन रसोइयों को पिछले मार्च से मानदेय नहीं मिला है। मानदेय नहीं मिलने से रसोइया परेशान हैं। रसोइयों के साथ ही शिक्षक संघ ने बकाया मानदेय जल्द दिलाने की मांग बीएसए से की है।
मध्याह्न भोजन योजना के तहत कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को हर रोज निर्धारित मेन्यू के अनुसार भोजन दिया जाता है। इसके लिए छात्र संख्या के अनुपात में भोजन तैयार करने के लिए रसोइयों की नियुक्ति की जाती है। बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र में कुल 83 परिषदीय विद्यालय संचालित हैं। इनमें 216 रसोइयों की नियुक्ति है।
कार्यरत सभी रसोइयां नियमित रूप से स्कूल पहुंचकर भोजन बना रही हैं। मार्च माह से रसोइयों को मानदेय नहीं मिला है। मानदेय नहीं मिलने से उनकी आर्थिक स्थिति खराब हो गई है। कंपोजिट विद्यालय बहादुरपुर की रसोइया सुमित्रा, मायादेई, शोभा देवी, कृष्णलली व सीमा ने बताया कि मानदेय नहीं मिलने से हम लोगों को घर चलना मुश्किल हो गया है।
वहीं प्राथमिक विद्यालय मवई आलमपुर की रसोइया सुनीता, श्रीमती व वकीलुन ने बताया कि रोज सुबह समय से विद्यालय आकर मध्याह्न भोजन तैयार करती हैं। विद्यालय बंद होने के बाद घर जाती हैं। उन्हें सात माह से मानदेय नहीं मिला। मानदेय न मिलने से घर चलाने में कठिनाई उठानी पड़ रही है।
शिक्षक संघ के ब्लॉक अध्यक्ष वीरेंद्र यादव व संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष महावीर प्रसाद, महामंत्री एजाज अहमद सिद्दीकी, ऑडिटर महेश कुमार, कोषाध्यक्ष अंशुमान तिवारी, वरिष्ठ मंत्री राकेश कुमार मौर्य, पर्यवेक्षक रामदेव पांडेय आदि ने मानदेय भुगतान हफ्ते भर में करने की मांग की है। कहा है कि मानदेय नहीं मिलने से मध्याह्न भोजन योजना संचालित करने में बाधा आ सकती है।
नहीं है बजट : बीएसए
बीएसए अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि माह मार्च तक का भुगतान कर दिया गया है। उसके बाद से रसोइयों के मानदेय का बजट शासन स्तर पर लंबित है। कहा कि बजट मिलते ही बकाया मानदेय का भुगतान कर दिया जाएगा।