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Amethi News: बारिश में डूब गई 200 हेक्टेयर सब्जी की खेती

Thu, 14 Sep 2023 11:53 PM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमेठी
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पानी में डूबने से पीली पड़ी कद्दू की खेती।
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अमेठी। पिछले चार दिनों से रुक-रुककर हुई बारिश से सब्जी की खेती को काफी नुकसान हुआ। खेतों में पानी भरने से 200 हेक्टेयर सब्जियों की फसल नष्ट होने की कगार पर पहुंच गई हैं। गोभी, मूली के साथ कद्दू वर्गीय सब्जियों के पौधे पानी लगने से खराब हो गए हैं। किसानों को फसल की लागत भी निकलना मुश्किल नजर आ रहा है। मौसम की मार ने किसानों के सामने आर्थिक संकट लाकर खड़ा कर दिया।
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पहले सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए बारिश आफत बनकर बरसी है। जिले में खरीफ सीजन में करीब 12 सौ हेक्टेयर में सब्जी की खेती की गई है। जिसमें सबसे ज्यादा सब्जी मुसाफिरखाना व बहादुरपुर विकास क्षेत्र में की जाती है। भादर, जगदीशपुर, संग्रामपुर में आंशिक रूप से खेती होती है। किसान मूली, गोभी, लौंकी, तरोई, बैगन सहित अन्य सब्जियों की फसल लगाई गई है। बारिश से इन फसलों में पानी भर गया है। उनकी जोताई, खाद, बीज व दवा आदि की भी लागत लौटने में मुश्किल लग रहा है।

एक हेक्टेयर में 50 हजार की आती लागत
एक हेक्टेयर सब्जी की खेती लगाने में किसान को करीब 50 हजार रुपये की लागत आती है। जिसमें जोताई, खाद, बीज आदि शामिल हैं। बारिश के चलते किसानों को इस बार नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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फफूंदनाशी दवा का प्रयोग करें
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ वैज्ञानिक डाॅ. आरके आनंद ने बताया कि पानी लगने से लता वाली सब्जियां जैसे लौकी, कद्दू, नेनुआ, करेला, परवल, पालक, मूली, मर्सा, पत्ता गोभी के साथ ही अगर तिल पक गई है तो पानी लगने से नुकसान हो सकता है। बताया कि यदि खेत में पानी भरा है तो उसको निकाल दें। साथ ही अच्छे फफूंदनाशी दवा का छिड़काव कर कुछ हद तक फसल को बचाया जा सकता है।

इनसेट
किसानों का दर्द
फोटो संख्या-19, 20, 21, 22
मुसाफिरखाना निवासी तेज प्रताप, शहाबुद्दीन ने बताया कि बारिश के चलते लौंकी, तरोई के साथ ही अन्य सब्जी की फसल खराब हो गई है। बताया कि मुसाफिरखाना क्षेत्र में निजामुद्दीनपुर, भद्दौर, रसूलाबाद, पूरे गुलाम सहित आस पास के गांवों में बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती की जाती है। गोमती नदी का पानी उफनाने व खेतों में पानी भरने से करीब दो सौ किसानों की सब्जी की फसल चौपट हो गई है। बताया कि पानी लगने से लागत भी निकलना मुश्किल नजर आ रहा है।
बहादुरपुर विकास खंड के जवाहरगंज निवासी किसान राजेंद्र कुमार व रामचरन ने बताया कि बारिश के चलते हल्दी, खीरा, तरोई, बैगन, मूली सहित अन्य सब्जी की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। अब इसमें कुछ भी नहीं बचा है। जिसके चलते हमें काफी नुकसान होगा।
बारिश का विवरण मिमी में

माह मानक बरसात प्रतिशत

जून 95.00 72.8 76.6

जुलाई 280.09 217.5 77.4

अगस्त 177.8 98.5 55.03

14 सितंबर 765 433 57.6


जलभराव से सब्जी को नुकसान
प्रभारी जिला उद्यान अधिकारी संजय यादव ने बताया कि खरीफ सीजन में सब्जी की फसल अंतिम पायदान पर है। तराई वाले व जलभराव के क्षेत्र में पानी से सब्जी की खेती को नुकसान हुआ है। जिले भर में करीब 200 सौ हेक्टेयर फसल खराब होने का अनुमान है। रबी सीजन में ज्यादा सब्जी की बोआई किसान करते हैं।
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