मुसाफिरखाना (अमेठी)। स्थानीय थाने के दादरा गांव में बुधवार को भूमि विवाद को लेकर दो पक्ष आमने-सामने हो गए। कहासुनी से शुरू विवाद देखते ही देखते लाठी-डंडों से मारपीट में तब्दील हो गया। चीख-पुकार पर ग्रामीण जब तक बीच-बचाव करते एक पक्ष से चार तो दूसरे पक्ष के सात लोग गंभीर रुप से घायल हो गए। विवाद की सूचना पर गांव पहुंची पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाते हुए जांच शुरू कर दी है। सीएचसी से सात को जिला अस्पताल तो जिला अस्पताल से तीन की हालात नाजुक देख ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया।
मुसाफिरखाना थाने के दादरा गांव निवासी बाबूलाल मिश्र व भगवत प्रसाद के बीच काफी दिनों से भूमि विवाद चल रहा है। बुधवार को भूमि पर सरसों की फसल रखने के बाद बाबूलाल मिश्र व भगवत प्रसाद पक्ष के बीच शुरू हुई कहासुनी देखते-देखते मारपीट में तब्दील हो गई। लाठी-डंडा व धारदार हथियार से लैस दोनों पक्षों के लोग एक-दूसरे पर हमलावर हो गए।
चीख-पुकार सुनकर ग्रामीणों ने बीच-बचाव करते हुए मामले की सूचना पुलिस को दी। ग्रामीण जब तक बीच-बचाव करते एक पक्ष के बाबूलाल मिश्र, चंद्रिका मिश्र, कालिका व अर्पित तो दूसरे पक्ष से प्रद्युम्न मिश्र, भगवत प्रसाद मिश्र, सुभाष, दीपक, पुष्कर, प्रिया व मनीषा गंभीर रुप से घायल हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस की मदद से सभी घायलों को सीएचसी पहुंचाया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने हालत गंभीर देख बाबूलाल, दीपक, मनीषा, चंद्रिका, भगवत प्रसाद, कालिका व प्रद्युम्न को जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
जहां चिकित्सकों ने प्रद्युम्न, दीपक व भगवत की हालात गंभीर देख ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। गांव में विवाद के बाद कानून व्यवस्था को देखते हुए पर्याप्त संख्या में फोर्स तैनात करते हुए पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल में जुटी है। प्रभारी निरीक्षक बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि अभी किसी पक्ष से तहरीर नहीं मिली है। तहरीर मिलते ही केस दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही की जाएगी।
69 बार की शिकायत नहीं हुई कार्रवाई
सेना के जवान दीपक मिश्र के अनुसार जनसुनवाई व अफसरों से शिकायत करने के अलावा 69 बार डायल 112 पर शिकायत की है। बावजूद इसके अभी तक कोई राहत नहीं मिली है। बाबूलाल ने उसका रास्ता बंद करने के साथ पांच बीघा खलिहान की भूमि पर कब्जा कर रखा है। लगातार शिकायत के बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। शिकायत करने के कारण ही बाबूलाल पक्ष ने बुधवार को उसके साथ ही उसके परिवार की पिटाई कर दी। दादरा गांव निवासी दीपक मिश्र भारतीय सेना में कार्यरत हैं। सेना से अवकाश पर आने के बाद दीपक ने सोमवार को अपने पिता के साथ डीएम राकेश कुमार मिश्र ने मुलाकात कर शिकायत भी की थी।
एएसपी विनोद कुमार पांडेय ने बताया कि सरसों की फसल रखने को लेकर अचानक शुरू हुआ विवाद मारपीट में तब्दील हो गया। डायल 112 पर 69 बार शिकायत पर कहा कि सूचना पर पुलिस मौके पर हर बार गई है, लेकिन बुधवार को जिस स्थान को लेकर विवाद हुआ वह पहली बार हुआ है। आरक्षित भूमि पर कब्जे का निस्तारण पुलिस का नहीं बल्कि राजस्व प्रशासन का है। फिलहाल मौके पर शांति व्यवस्था कायम है। गांव में पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सभी आरोपियों पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।