अमेठी सिटी। जिले में 20 से कम छात्र संख्या वाले 104 विद्यालयों को आसपास के स्कूलों में विलय किया जाएगा। इसके लिए ग्राम प्रधान, अभिभावकों से बात कर सहमति बनाई जाएगी। बीएसए संजय तिवारी ने बताया कि 30 जून तक विद्यालयों को वर्तमान छात्र संख्या के आधार पर पास के किसी अन्य विद्यालय में जोड़ा जाएगा। इसके लिए सभी बीईओ को निर्देश दिए गए हैं। यह कार्य पूरा हो जाने के बाद 50 से कम छात्र संख्या वाले 444 विद्यालयों के लिए कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
उन्होंने कहा कि शासन ने सबसे पहले 20 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को जोड़ने के लिए निर्देश दिया है। कहा कि यह सरकार की एक अच्छी योजना है। इस संबंध में किसी को भी आपत्ति नहीं होनी चाहिए। इस फैसले का स्वागत सभी को करना चाहिए। कहा कि 20 से कम छात्र संख्या वाले विद्यालय के शिक्षक व हेड मास्टर को भी नए विद्यालय से जोड़ दिया जाएगा। बाद में विधिवत उनका समायोजन किया जाएगा।
बेअसर रहा नामांकन अभियान
प्रदेश सरकार ने परिषदीय विद्यालयों मे छात्र संख्या बढ़ाने के लिए घर-घर जाकर नामांकन अभियान चलाया था जिसमें विद्यालय के शिक्षकों ने घर-घर जाकर बच्चों के अभिभावकों से मिलकर नामांकन करने के लिए प्रेरित किया था। इसके साथ ही नुक्कड़ नाटक के माध्यम से भी अभिभावकों को जागरूक किया गया लेकिन इसके बाद भी बहुत सारे परिषदीय विद्यालयों में छात्र संख्या 50 से कम है। अब ऐसे स्कूलों को नजदीकी विद्यालय में शामिल किया जाएगा।
बीआरसी पर हुई शिक्षकों की बैठक
सिंहपुर (अमेठी)। शासन के निर्देश पर कम छात्र संख्या वाले विद्यालयों को नजदीकी विद्यालय में विलय करने के लिए शिक्षकों की बैठक ब्लॉक संसाधन केंद्र में हुई। बीईओ सिंहपुर हरिओम तिवारी ने बताया कि जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम है, उन्हें ग्रामसभा के नजदीकी विद्यालय में सम्मिलित करने की योजना सहमति के आधार पर की जाएगी। ब्लॉक क्षेत्र के 18 ऐसे परिषदीय विद्यालय चिह्नित किए गए हैं जो एक दूसरे में सम्मिलित कर दिए जाएंगे। फिलहाल अभी केवल प्राथमिक विद्यालय चिलौली प्रथम व द्वितीय में सहमति बन पाई है। इस दौरान अनुज शुक्ला, सुरजीत सिंह, जय शंकर मिश्र, अंकिता खरे सहित शिक्षक मौजूद रहे।