कुवैत की अल इमाम सादिक शिया मस्जिद में शुक्रवार को नमाज के दौरान हुए आतंकी हमले में 25 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी। आतंकी धमाके की खबर शुक्रवार दोपहर बाद यहां पहुंची। खबर मिलते ही जलालपुर व आस पास के तमाम परिवार परेशान हो गए।
यहां के काफी लोग कुवैत में रोजगार के सिलसिले में रह रहे हैं। देररात खबर मिली कि जलालपुर के जफराबाद निवासी इब्नेअब्बास (25) की बम धमाके में मौत हो गई है। इब्ने का अभी विवाह नहीं हुआ था।
रोजगार के सिलसिले में ही कुवैत में रह रहे इब्नेे के चाचा रमजान अली ने रात साढ़े 10 बजे परिवारीजनों को फोन कर इब्ने के अब इस दुनिया में न रहने की जानकारी दी तो पूरे परिवार में रोना पीटना शुुरू हो गया। मोहल्ले के लोगों ने इब्ने के घर पहुंचकर परिवारीजनों को ढांढस बधाया।
शनिवार दिन में स्थानीय लोगों के अलावा रिश्तेदारों ने पहुंचकर परिवार को सांत्वना दी। मालूम हो कि इब्नेे इसी वर्ष मार्च माह में ही कुवैत गया था। वहां वह ड्राइवर के तौर पर काम करता था। वह अपने मालिक को जुमे की नमाज अदा कराने वह शिया मस्जिद गया था। मालिक के साथ ही वह भी मस्जिद में नमाज पढ़ने चला गया, जहां वह भी हादसे का शिकार हो गया।
कुवैत में मौजूद इब्नेे के चाचा ने बताया कि अभी वहां कानूनी प्रक्रिया अपनाई जानी है। इसके बाद ही परिवारीजनों से विचार-विमर्श कर यह तय होगा कि शव का अंतिम संस्कार कहां किया जाए। उधर इस हादसे में नगपुर मुस्तफाबाद निवासी अहमद (30) पुत्र इरशाद भी घायल हो गया। वह शिया मस्जिद के निकट वाहन धुलाई का कार्य करता था।
उसके हाथ व पैर में चोट आयी है। अहमद का विवाह लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद ही वह कुवैत चला गया था। इसके अलावा जलालपुर के ही जफराबाद निवासी कम्मररजा (26) पुत्र सिराजुलहक भी हादसे में घायल हुआ है। चालक के तौर पर काम करने वाला कम्मर भी मालिक के साथ मस्जिद गया था।