पुलिस हिरासत में हुई आजमगढ़ निवासी युवक की मौत के मामले में स्वाट की बी टीम के प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों को एसपी ने निलंबित कर दिया है। इससे पहले इन सभी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध अकबरपुर कोतवाली में हत्या व अपहरण की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया था।
जियाउद्दीन के परिवारीजनों व तमाम सामाजिक कार्यकर्ताओं ने आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों को अविलंब गिरफ्तार कर जेल भेजने की मांग की है। स्वाट टीम की हिरासत में आजमगढ़ के पवई निवासी जियाउद्दीन की मौत के मामले में टीम पर निलंबन की गाज गिरी है। इससे पहले जियाउद्दीन के भाई शहाबुद्दीन की तहरीर पर अकबरपुर कोतवाली में स्वाट की बी टीम के प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह व उनके हमराही सिपाहियों के विरुद्ध हत्या व अपहरण की धाराओं में केस दर्ज हुआ था।
केस दर्ज होने से पहले प्रकरण संज्ञान में आते ही एसपी आलोक प्रियदर्शी ने देवेंद्र पाल व स्वाट टीम के सात सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया था। शुक्रवार देर रात सभी आठ पुलिसकर्मियों पर केस दर्ज होने के बाद एसपी ने इन सभी पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। निलंबित होने वालों में स्वाट की बी टीम के प्रभारी देवेंद्र पाल सिंह के अलावा सिपाही हरिकेश कुमार, जितेंद्र गौड़, संतोष तिवारी, अमलेश यादव, शिवम चौधरी, बृजेश यादव व विधान सिंह शामिल हैं।
पुलिसकर्मियों का निलंबन होने के बाद अब इन सभी की जल्द गिरफ्तारी की मांग उठी है। जियाउद्दीन के भाई शहाबुद्दीन व चचेरे भाई डॉ. आफाक ने कहा कि पुलिस कर्मियों की बर्बरता के चलते ही जियाउद्दीन की जान गई है। ऐसे में केस दर्ज होने के बाद अब तत्काल सभी पुलिस कर्मियों को गिरफ्तार किया जाए।