फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: योग से ग्रामीणों की सेहत में ला रहे सुधार

Wed, 03 Sep 2025 12:35 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
विज्ञापन
लोदीपुर-कटौना में योग प्र​​शिक्षण देते शहंशाह हुसैन।
विज्ञापन
विद्युतनगर। लोदीपुर-कटौना गांव इन दिनों योग के जरिये नई पहचान गढ़ रहा है। सुबह होते ही गांव में लोग प्राणायाम सहित विभिन्न आसनों का अभ्यास करते दिखाई देते हैं। इसकी बागडोर होमगार्ड कंपनी कमांडर सैयद शहंशाह हुसैन ने संभाल रखी है। उनकी पहल ने ग्रामीणों के जीवन में नई ताजगी और अनुशासन ला दिया है।
विज्ञापन

विकासखंड टांडा के सूरापुर निवासी हुसैन ने अपने मूल गांव लोदीपुर-कटौना में निशुल्क योग शिविर की शुरुआत की है। प्रतिदिन 25 से 30 लोग इसमें शामिल हो रहे हैं। यहां योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास कराया जा रहा है। सुबह की ताजी हवा में जुटने वाले ग्रामीण अब दिन की शुरुआत योग के साथ करने लगे हैं। शिविर का असर ग्रामीणों की सेहत पर साफ दिखाई दे रहा है। दहिरापुर निवासी राकेश कुमार वर्मा ने बताया कि उनका वजन डेढ़ क्विंटल से घटकर 80 किग्रा पर आ गया है।
मनोज कुमार श्रीवास्तव ने महज डेढ़ महीने में 15 किग्रा वजन घटाया है। भुवनपुर निवासी सेवानिवृत्त शिक्षक सागर वर्मा ने कहा कि पहले उन्हें नींद नहीं आती थी, घबराहट रहती थी और ब्लड प्रेशर व शुगर की समस्या बनी रहती थी, लेकिन अब स्थिति में काफी सुधार हुआ है।
विज्ञापन

गांव के वसी हसन ने कहा कि योग से घुटनों के दर्द से छुटकारा मिला है। वहीं, अली अब्बास, दानिश रिजवी, अशोक स्वदेशी और कासिम हुसैन ने बताया कि पेट, कमर दर्द और सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं में राहत मिली है। अब नींद बेहतर आती है और शरीर पहले से ज्यादा चुस्त-दुरुस्त रहता है।

बच्चों में भी बढ़ रही दिलचस्पी



गांव के बच्चे भी नियमित रूप से शिविर में हिस्सा लेने लगे हैं। उनका मानना है कि योग से पढ़ाई में ध्यान केंद्रित होता है और मानसिक संतुलन बेहतर होता है। शिविर में बच्चों का उत्साह देखकर गांव के बुजुर्ग भी प्रेरित हो रहे हैं।




आलोचनाओं से डिगे नहीं

हुसैन का कहना है कि योग की प्रेरणा उन्हें वर्षों पहले टीवी पर बाबा रामदेव के कार्यक्रम को देखकर मिली थी। उसी क्षण उन्होंने ठान लिया कि न केवल स्वयं योग को अपनाएंगे, बल्कि समाज को भी इससे जोड़ेंगे। शुरुआती दिनों में जब उन्होंने गांव में शिविर लगाने का प्रयास किया, तो लोग उनकी लगन का मजाक उड़ाते थे और उनकी पहल को गंभीरता से नहीं लेते थे। हुसैन ने आलोचनाओं को कभी बाधा नहीं बनने दिया। निरंतर अभ्यास और अटूट संकल्प के बल पर आज आठ वर्षों से वह ग्रामीणों को योग का प्रशिक्षण दे रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें