अंबेडकरनगर। जिले के 144 आंगनबाड़ी केंद्रों को अब सक्षम केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। इन केंद्रों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर बच्चों के समग्र विकास के लिए उपयुक्त बनाया जाएगा। बाल विकास विभाग की ओर से इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है।
सक्षम आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को बेहतर सीखने का माहौल उपलब्ध कराने के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा दी जाएगी, जिसमें एलईडी स्क्रीन के माध्यम से शैक्षणिक सामग्री दिखाई जाएगी। इसके अलावा केंद्रों पर बच्चों के बैठने के लिए कुर्सियां, रंग-बिरंगी बाला पेंटिंग, मैट, साफ पीने का पानी, बाल मैत्रिक शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएंगी।
जिले में वर्तमान में कुल 2,551 आंगनबाड़ी केंद्र संचालित हैं, जिनमें 2,384 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता कार्यरत हैं। इन केंद्रों पर शून्य से छह वर्ष तक के कुल 2,27,565 बच्चे पंजीकृत हैं, जिन्हें पोषण, शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं प्रदान की जाती हैं। जिले में इन केंद्रों की निगरानी के लिए कुल 10 बाल विकास परियोजना कार्यालय कार्यरत हैं, वहीं 18 मुख्य सेविकाएं भी सेवाएं दे रही हैं।
जिला कार्यक्रम अधिकारी शशि कुमार सिंह ने बताया कि सक्षम केंद्रों के निर्माण और आधुनिकीकरण का कार्य तेजी से चल रहा है। यह तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाएगा। इन केंद्रों के माध्यम से बच्चों को एक समृद्ध और शिक्षाप्रद वातावरण मिलेगा, जो उनके प्रारंभिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
यह है सक्षम योजना
सक्षम आंगनवाड़ी और पोषण 2.0 केंद्र सरकार की एक महत्त्वाकांक्षी योजना है, जो 2021 से 2026 तक लागू की गई है। इसका उद्देश्य कुपोषण को समाप्त करना, बच्चों, महिलाओं को पोषण के प्रति जागरूक बनाना और आंगनबाड़ी केंद्रों का आधुनिकीकरण करना है। यह योजना पोषण ट्रैकर नामक डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिये निगरानी व मूल्यांकन को अधिक प्रभावी बनाती है।