नियमों के विपरीत स्थानांतरण का लगाया आरोप
संवाद न्यूज एजेंसी
अंबेडकरनगर। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन योजना को प्रभावी बनाने के लिए सीएचसी में तैनात 15 संविदा कर्मचारी स्थानांतरण के विरोध में सामूहिक छुट्टी पर चले गए हैं। इनमें छह ब्लाॅक प्रोग्राम मैनेजर तथा नौ ब्लाॅक कम्युनिटी प्रोसेस मैनेजर शामिल हैं। कर्मचारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन कर स्थानांतरण के जरिए उनका उत्पीड़न किया जा रहा है।
बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत 15 बीपीएम व बीसीपीएम का स्थानांतरण सीएमओ ने कर दिया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात इन कर्मचारियों को अलग अलग सीएचसी पर भेज दिया गया। 25 नवंबर को जारी इस आदेश की जानकारी होने के बाद कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। 28 नवंबर को राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ ने सीएमओ को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताया। इसके बाद भी कोई निर्णय न होने पर अब सभी 15 कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने बृहस्पतिवार को भी काम नहीं किया जबकि शुक्रवार को भी पूरी तरह काम ठप रहा।
कर्मचारियों ने सामूहिक निर्णय के तहत ऑनलाइन अवकाश भेजा है। हालांकि विभाग ने उसे मंजूर न करते हुए काम पर लौटने को कहा। इसके बाद भी कर्मचारी काम पर वापस नहीं लौटे। विभाग ने उन्हें गैरहाजिर करने के साथ ही कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
यह कर्मचारियों का पक्ष संगठन जिलाध्यक्ष वंशमणि पांडेय ने कहा कि संविदा कर्मियों का नियमानुसार स्थानांतरण नहीं किया जाता। इसके साथ ही यह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के प्राविधानों के विपरीत है। जिलाध्यक्ष ने कहा कि ऐसे कई मामलों में हाईकोर्ट का स्पष्ट आदेश भी है कि संविदा कर्मियों का स्थानांतरण इस तरह सामूहिक तौर पर नहीं किया जाए। उन्होंने बताया सभी कर्मचारी अवकाश पर चले गए हैं।
नियमानुसार हुआ स्थानांतरण
सभी कर्मियों का स्थानांतरण जिला स्वास्थ्य समिति की मंजूरी के बाद नियमानुसार हुआ है। यदि कर्मचारी काम पर नहीं लौटते हैं तो सभी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
-डॉ. राजकुमार, सीएमओ