आदर्श बूथों की स्थापना मतदाताओं के लिए सोमवार को किसी सुखद आश्चर्य से कम नहीं रही। वैवाहिक आयोजन जैसी सजावट से भरपूर 63 बूथों पर मतदान के लिए सोमवार को मतदाता पहुंचे तो वे वहां की व्यवस्था देखकर खासे प्रभावित हुए।
प्रशासन ने मॉडल बूथों पर मतदाताओं के लिए बैठने की व्यवस्था की। वोटरों के लिए पेयजल का भी प्रबंध किया गया था। दिव्यांग मतदाताओं के लिए व्हीलचेयर व उनकी मदद के लिए कर्मचारियों की भी तैनाती की गई थी।
हालांकि, कुछ जगहों पर आवश्यक प्रबंध नहीं थे, लेकिन फिर भी मतदाताओं के लिए यह एक सुखद व नया अनुभव था। जिन मतदाताओं का मत ऐसे मतदान केंद्रों पर नहीं था, वे भी इन मतदान केंद्रों की एक झलक पाने के लिए वहां पहुंचे।
गुब्बारे से सजाया गया बूथ
अजय प्रताप इंटर कॉलेज भीटी को आदर्श मतदान केंद्र बनाया गया था। आदर्श मतदान केंद्रों पर पेयजल, प्रकाश, मेडिकल की व्यवस्था के साथ प्रतीक्षालय की व्यवस्था होनी थी। हालांकि, यहां इसे लेकर लापरवाही बरती गई। न तो पेयजल की व्यवस्था थी और न ही चिकित्सा की।
टेंट लगाकर उसे गुब्बारे से सजाकर वैवाहिक आयोजन जैसा माहौल बनाया गया था। मतदान कर बाहर निकले बुजुर्ग मतदाता जगदीश ने कहा कि पहली बार मतदान केंद्र पर इतनी अधिक साज सजावट देखी। सरोज ने कहा कि यहां का माहौल देखकर बहुत अच्छा लगा। ऐसा लगा कि जैसे किसी विवाह में भाग लेने आए हैं।
बुजुर्ग को मिला व्हीलचेयर का सहारा
डीएम आवास के पास केंद्र होने से प्राथमिक विद्यालय पसियापारा को भव्य ढंग से सजाया गया था। मतदान के लिए यहां बुजुर्ग राजेंद्र वर्मा पहुंचे तो वहां तैनात कर्मचारी उनके लिए व्हीलचेयर लेकर पहुंच गए।
हालांकि, उनके परिवारीजनों ने खुद व्हीलचेयर संभाल ली और मतदान के लिए कक्ष तक ले गए। राजेंद्र ने इस व्यवस्था के लिए आयोग व प्रशासन की सराहना की। कुछ मतदाताओं ने विलंब देख इंतजार करने के लिए लगी कुर्सियों का भी लाभ उठाया। यहां पेयजल के भी प्रबंध थे।
वैवाहिक कार्यक्रम सरीखा मिला माहौल
मतदान केंद्र कन्नूपुर में मतदान को पहुंचे मतदाता वहां की व्यवस्था देख गदगद हो गए। मतदान के लिए लाइन में लगे मतदाता राजू ने कहा कि ऐसे माहौल में मतदान करना नया अनुुभव हैै।
आयोग को ऐसे ही नए प्रयोग करते रहने चाहिए। मतदान कर लौटे संदीप व राहुल ने कहा कि ऐसे माहौल में वोट देने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हुई। लाइन में लगने की थकान भी नहीं आई। चंद्रकला ने कहा कि जब वोट डालने यहां पहुंचे, तो एक बारगी लगा कि किसी वैवाहिक आयोजन में भाग लेने के लिए आए हुए हैं।