केदारनगर। इब्राहिमपुर के इल्तिफातगंज बाजार स्थित अनधिकृत शिवम डेंटल केयर सेंटर में दांत का इलाज कराने पहुंची बलरामपुर जिले की महिला शफीकुलनिशा (20) की इंजेक्शन लगाने के बाद हालत बिगड़ गई। परिजन उसे लेकर निजी अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां इलाज नहीं मिला। इसके बाद सीएचसी टांडा ले जाने पर डॉक्टर ने महिला को मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद क्लीनिक संचालक मौके से भाग गया। स्वास्थ्य और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने क्लीनिक को सील कर जांच शुरू कर दी है।
बलरामपुर निवासी शाकिर अली की पत्नी शफीकुलनिशा अपनी बहन के निकाह में शामिल होने के लिए बस्ती जिले के सेमरी चिलमा बाजार स्थित मायके आई थीं। शनिवार को उनके दांत में अचानक दर्द शुरू हो गया। इसके बाद वह इब्राहिमपुर क्षेत्र के इल्तिफातगंज बाजार स्थित शिवम डेंटल केयर सेंटर पर इलाज कराने पहुंचीं। पिता किस्मतदीन ने बताया कि क्लीनिक में पहला इंजेक्शन लगाने के बाद ही उनकी हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गईं। इसके बाद संचालक शिवम प्रजापति ने उन्हें दूसरा इंजेक्शन लगा दिया। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, लेकिन वहां चिकित्सकों ने इलाज करने से इन्कार कर दिया। इसके बाद एंबुलेंस से सीएचसी टांडा पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
घटना के बाद क्लीनिक संचालक भी गायब हो गया। महिला की मौत की सूचना पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया। टांडा के अधीक्षक डॉ. दिनेश वर्मा और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर क्लीनिक सील कर दिया। अधीक्षक ने बताया कि क्लीनिक में इस्तेमाल किए जा रहे इंजेक्शन, संचालक की चिकित्सकीय योग्यता और पंजीकरण समेत अन्य बिंदुओं पर जांच की जा रही है।
शादी की खुशियां मातम में बदलीं
पिता किस्मतदीन के अनुसार, शफीकुलनिशा का निकाह दो साल पहले शाकिर अली से हुआ था। उनके पति हिमाचल प्रदेश के शिमला में नौकरी करते हैं। सोमवार को उनकी छोटी बेटी का निकाह होना तय है। शादी में शामिल होने के लिए शफीकुलनिशा पति के साथ मायके आई थीं। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। शुक्रवार रात उन्होंने अपनी बहन के हाथों में मेहंदी भी लगाई थी। शनिवार को दांत में दर्द होने पर इलाज कराने गईं, लेकिन उनकी मौत से परिवार की खुशियां मातम में बदल गईं।
कई जगह क्लीनिक चलाने का आरोप
स्थानीय लोगों का आरोप है कि क्लीनिक संचालक शिवम प्रजापति केदारनगर का रहने वाला है। उसके पास न तो चिकित्सकीय डिग्री है और न ही क्लीनिक का लाइसेंस। इसके बावजूद वह लंबे समय से क्लीनिक चला रहा था। बताया जाता है कि उसने सबसे पहले केदारनगर में क्लीनिक शुरू किया था। करीब एक दशक पहले केदारनगर के साथ उतरेथू में भी क्लीनिक संचालित करने लगा था। हालांकि, इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
संचालक की तलाश जारी
महिला की मौत की सूचना मिलने पर क्लीनिक सील करा दिया गया है। संचालक की तलाश की जा रही है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है। - डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ