अंबेडकरनगर। बसखारी क्षेत्र के भिटौरा गांव में अवैध संबंधों में मनकूराम की हत्या के मामले में न्यायालय ने महिला अभियुक्त अनीता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उसके पति को तीन वर्ष का साधारण कारावास हुआ है।
बसखारी के ग्राम में भिटौरा उत्तर निवासी करोरा देवी ने पुलिस को एक प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि उनके पति पति मनकू राम 21 अक्तूबर की रात रामलीला देखने के लिए घर से गए थे। इसके बाद से वापस नहीं लौटे थे। महिला के मुताबिक मनकू राम का गांव के ही दुर्गेश गौर के घर आना जाना अधिक था। यहां वह गांजा का सेवन करते थे। तीन दिन बाद 24 अक्तूबर को मनकूराम का शव दुर्गेश गौर के घर के पीछे खेत में मिला था। महिला ने दुर्गेश गौड़ और उसकी पत्नी अनीता के विरुद्ध हत्या कर शव छुपाए जाने का आरोप लगाया था। विवेचना के दौरान दुर्गेश और अनीता के साथ बबलू पंडित उर्फ हेमंत कुमार का भी नाम सामने आया। पुलिस ने हत्या, साक्ष्य छिपाने और एससी एसटी एक्ट में आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट में मामले की सुनवाई शुरू हुई। बुधवार शाम को विशेष न्यायाधीश एससी एसटी एक्ट रामविलास सिंह ने फैसला सुनाते हुए अनीता को हत्या व साजिश रचने में आजीवन कारावास की सजा सुनाई और 12,000 रुपये का जुर्माना लगाया। वहीं अभियुक्त दुर्गेश गौर को तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई और 2000 रुपये अर्थदंड लगाया।