ग्रामीणों ने जब खेतों में बड़े आकार के पगचिह्न देखे तो उन्होंने वन विभाग व पुलिस को सूचना दी। वन विभाग के रेंजर ने मौके पर पहुंचकर छानबीन शुरू कर दी है।
ग्रामीण अज्ञात जंगली जानवर को तेंदुआ बता रहे हैं, जबकि वन विभाग का कहना है कि अभी छानबीन की जा रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से रात में गांव में वन विभाग का पहरा लगवाने व जंगली जानवर की खोजबीन कर उसे पकड़वाने की मांग की है।
अलीगंज थाना क्षेत्र के करीब छह से अधिक गांवों में दहशत का माहौल है। शनिवार को मखदूम सराय गांव निवासी कन्हैयालाल पाल के घर के पास से भेड़ लापता हो गया। रविवार शाम पांच बजे करीब गांव के बाहर खेल रहे बच्चों ने एक जानवर को मुंह में दबाकर बकरा ले जाते देखा। यह देख वे डर गए।
वे चीखते हुए गांव पहुंचे और ग्रामीणों को जानकारी दी। मालूम करने पर पता चला कि गांव रामबहोर का एक बकरा नदारद है। देर शाम तक ग्रामीणों ने खोजबीन की लेकिन कुछ पता नहीं चल सका। सोमवार सुबह ग्रामीणों को सरसों के खेत में बकरे के शव के कुछ हिस्से मिले। कुछ आगे बढ़े तो लहसुन के खेत में किसी बड़े जानवर के पगचिह्न दिखाई दिए।
जानकारी पर सोमवार दोपहर बाद टांडा क्षेत्र के रेंजर बेचूराम गांव पहुंचे और पगचिह्न का जायजा लिया।
ग्रामीण दीपक तिवारी, अमित कुमार, अजीत कुमार ने कहा कि यह कोई जंगली जानवर नहीं बल्कि तेंदुआ ही है। कारण जंगली जानवर 25 किग्रा की जिंदा भेड़ नहीं उठा सकता।
संबंधित विभागीय अधिकारियों को जल्द ठोस कदम उठाना चाहिए। न सिर्फ रात्रि में वन विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाए बल्कि तेंदुआ को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम भी उठाए जाएं।