जलालपुर। बसपा से निष्कासित पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रामअचल राजभर और विधानमंडल दल के पूर्व नेता लालजी वर्मा ने सोमवार को जलालपुर पहुंचकर ताकत का प्रदर्शन किया। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने कहा कि बसपा कांशीराम के मिशन से भटक गई है। हम दोनों को बिना पक्ष सुने बसपा से निकाल दिया गया। इस बात को पूरे प्रदेश में लेकर वे सब जाएंगे। उन्होेंने दावा किया कि हम लोग जहां रहेंगे, 2022 में जिले की सभी 5 विधानसभा सीटें उसी पार्टी की झोली में जाएंगी।
नगर में आयोजित प्रबुद्ध सम्मेलन के मुख्य अतिथि बसपा के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम अचल राजभर ने कहा कि बसपा से उन सबको बिना पक्ष सुने निकाल दिया गया। हम सब बहुजन समाज के लिए लड़ने वाले लोग हैं, वह लड़ाई लड़ते रहेंगे। जिन लोगों की हैसियत एक जिला पंचायत सदस्य जिताने की नहीं है, आज उन पर ज्यादा भरोसा किया जा रहा है। हम सबने जिले और प्रदेश में बसपा को खून पसीने से सींचकर खड़ा किया। हमारे साथ यह सलूक बसपा के आम कार्यकर्ताओं के साथ अपमान है। इसीलिए जिले और अन्य क्षेत्रों के बसपा कार्यकर्ता एकजुट होकर पार्टी छोड़ रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांशीराम के मिशन से बसपा भटक गई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभी तो हम कार्यकर्ताओं की राय ले रहे हैं। लेकिन यह तय है कि 2022 में हम दोनों जहां रहेंगे, वहीं जिले की सभी 5 विधानसभा सीटें रहेंगी। प्रदेश की अन्य सीटों पर भी विजयी असर हम दोनों डालेंगे।
विशिष्ट अतिथि पूर्व मंत्री लालजी वर्मा ने कहा कि हम लोगों के विरुद्ध साजिश रची गई। अनुचित तरीके से पार्टी से निकाल दिया गया। इसी के चलते पूरे प्रदेश के बसपा कार्यकर्ता आहत हैं। वे तेजी से हमारे साथ जुड़ रहे हैं। कहा कि कुछ तथाकथित पदाधिकारी जिस तरह की मनमानी कर रहे हैं, वह जिले में बसपा के लिए आत्मघाती साबित हो रही है।
उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि आज जो लोग हम सब के साथ हुए अन्याय को लेकर भी चुप हैं, उन्होंने बसपा में रहते मेरी पुत्री छाया को जलालपुर से हराने का काम किया। उन्होंने कहा कि बसपा का ग्राफ तेजी से गिर रहा है, क्योंकि वहां कार्यकर्ताओं की सुनवाई नहीं रह गई है। सम्मेलन को संजय राजभर, डॉ. छाया वर्मा, शारदा राजभर, बालमुकुंद धुरिया, राम अचल गौतम, शिवपूजन राजभर, फूलचंद्र वर्मा, विवेक वर्मा और अच्छेलाल आदि ने भी संबोधित किया।