अंबेडकरनगर। गेहूं खरीद सत्र का रविवार को समापन हो गया। खरीदारी में सभी क्रय एजेंसियां फिसड्डी साबित हुईं। एक भी एजेंसी लक्ष्य को प्राप्त नहीं कर सकी। प्रशासन ने गेहूं खरीद की धीमी गति को बढ़ाने का प्रयास किया था, लेकिन इसके बाद भी सफलता नहीं मिली। कम खरीद के बावजूद जिले को अयोध्या मंडल में तीसरा स्थान मिला है।
शासन ने जनपद का खरीद लक्ष्य सवा तीन लाख क्विंटल निर्धारित किया था। गेहूं खरीद के लिए पांच क्रय एजेंसियां नामित की गई थीं। सवा तीन लाख क्विंटल के सापेक्ष 93,400 क्विंटल ही खरीद हो पाई, जो लक्ष्य का मात्र 28.74 प्रतिशत ही है। गेहूं खरीद के लिए प्रशासन ने सभी क्रय एजेंसियों को किसान के घर से गेहूं की तौल कराने, छोटे और मझोले किसानों को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे।
विभागीय अफसरों ने गांव-गांव जाकर चौपाल भी लगाई, लेकिन इसके बावजूद गेहूं खरीद परवान नहीं चढ़ सकी। सहालग के समय ज्यादातर किसानों ने अपनी फसल व्यापारियों के हाथों बेच दी। इस साल सभी क्रय एजेंसियों ने कुल 2,952 किसानों से खरीद की, जिसके एवज में 2283.86 लाख रुपये का भुगतान किया गया है।
2,952 किसानों से 93,400 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। खरीद में जिला मंडल में तीसरे स्थान पर है। लक्ष्य के सापेक्ष 28.74 प्रतिशत ही खरीद हो सकी है।
- संतोष द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ