कहा गया कि न्यायालय ने परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए जो निर्णय सुनाया, वह समय की जरूरत है। न्यायालय को इसे शत-प्रतिशत लागू कराने के लिए भी ठोस निर्देश जारी करने होंगे।
बैठक की अध्यक्षता कर रहे आनंद रमन ने न्यायालय के आदेशों की सराहना की। साथ ही सुल्तानपुर के शिक्षक शिवकुमार पाठक के प्रयासों को प्रशंसनीय बताते हुए कहा कि उन्होंने परिषदीय विद्यालयों की गुणवत्ता में सुधार के लिए यादगार प्रयास किया है।
कहा कि जब तब तक सरकारी अधिकारियों के बच्चे परिषदीय स्कूलों में दाखिला नहीं लेते तब तक व्यवस्था में सुधार संभव नहीं है। कहा कि टीईटी उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को भी उम्मीद है कि न्यायालय उनके पक्ष में फैसला सुनाएगा। इस मौके पर रामआशीष, अवधेश, अजय अग्रहरि, राम अनुग्रह, रविप्रकाश, विवेक आदि मौजूद रहे।