जिला अस्पताल के पंजीयन काउंटर पर लगी मरीजों की भीड़।
अंबेडकरनगर। मौसम में उतार-चढ़ाव से अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ रही। सर्दी, खांसी, बुखार के साथ ही सांस लेने में दिक्कत के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे हैं। कोल्ड डायरिया ने भी पांव पसारना शुरू कर दिया है। रोगियों में बच्चे, महिलाएं व बुजुर्गों की संख्या ज्यादा रही।
सुबह-शाम घना कोहरे के साथ सर्दी और दिन में तेज धूप के चलते सेहत का ख्याल रखना मुश्किल हो रहा है। शुक्रवार को जिला अस्पताल की ओपीडी से लेकर पंजीयन काउंटर तक मरीजों की कतार लगी रही। लगभग 800 मरीजों ने उपचार कराया। फिजीशियन डॉ. डीपी वर्मा ने बताया कि वर्तमान में फेफड़े और सांस की समस्या वाले मरीज ज्यादा आ रहे हैं। सर्दी के कारण शरीर में जकड़न और वायु गुणवत्ता सूचकांक के बढ़े हुए स्तर की वजह से भी मरीजों को सांस लेने में दिक्कत हो रही है।
डॉक्टरों का कहना है कि जैसे-जैसे ठंड बढ़ेगी, मरीजों की संख्या में और इजाफा हो सकता है। दिन में चटख धूप को देखते हुए लोग कम कपड़े पहनकर घर से निकलते हैं, लेकिन शाम होते ही ठंड बढ़ने पर सर्दी लगने का खतरा बना रहता है। लोगों को ठंड से बचने के लिए अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए। खासकर बच्चों और बुजुर्गों को ठंड में बचने की सलाह दी है। वायु प्रदूषण से बचने के लिए मास्क लगाने का सुझाव दिया है।