मंगलवार देर रात शुरू हुई बारिश का सिलसिला बुधवार दोपहर बाद तक रुक-रुककर चलता रहा। हवा के साथ हुई झमाझम बारिश से एक तरफ जहां ज्यादातर खेतों में धान की फसल गिर गई, वहीं जिला मुख्यालय समेत नगरीय क्षेत्रों में जगह-जगह भारी जलभराव हो गया। नाले-नालियों का पानी सड़क पर बहने लगा। इससे लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
तेज बारिश के चलते ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित हुई। मंगलवार देर रात उमड़-घुमड़ रहे बादल अचानक बरस पड़े। बुधवार दोपहर बाद तक रुक-रुककर बारिश का सिलसिला जारी रहा। हवा के साथ हुई बारिश के चलते कई ग्रामीण क्षेत्रों में धान की फसल खेतों में लोट गई। इससे संबंधित किसानों की चिंता बढ़ गई।
उनका कहना है कि यदि इसी प्रकार बारिश होती रही तो इससे फसल को नुकसान हो सकता है। अकबरपुर के किसान राजमणि व ज्ञानेंद्र ने कहा कि बारिश से फसल को लाभ तो है लेकिन यदि इसी प्रकार लगातार बारिश होती रही तो खेत में गिरी फसल को नुकसान हो सकता है। राजेसुल्तानपुर के सुधीर वर्मा व रामसजीवन ने कहा कि हवा के साथ हुई बारिश के चलते उनकी फसल खेत में गिर गई।
यदि इसी प्रकार से बारिश हुई तो इसका प्रभाव उपज पर पड़ेगा। उधर, झमाझम हुई बारिश से जिला मुख्यालय समेत नगरीय क्षेत्रों में जगह-जगह जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई। नाले व नालियों का पानी सड़कों पर बहने लगा।
जिला मुख्यालय पर फैजाबाद रोड, कलेक्ट्रेट के निकट, सब्जी मंडी, लोहा मंडी, कृषि भवन के निकट, कोतवाली के निकट जलभराव हो गया। इससे लोगों को आवागमन में भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।
स्थानीय लोगों ने नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि समय-समय पर नाले-नालियों की साफ-सफाई कराई जाती रहे तो जलभराव की समस्या काफी हद तक दूर हो सकती है। इसके अलावा जलालपुर, टांडा, आलापुर व भीटी तहसील क्षेत्रों में भी जगह-जगह जलभराव की स्थिति बनी रही।