सरयू नदी में उफान से आलापुर व टांडा क्षेत्र के 18 से अधिक गावों के लोग मुश्किल में हैं। उनकी करीब ढाई सौ बीघा फसल बाढ़ में जलमगभन हो गई है। आबादी के बाहर बनाए गए कई आशियाने डूब गए हैं। पशुओं के चारे का भी संकट खड़ा हो गया है। टांडा नगर में पानी लगातार बढ़ रहा है।
माझा उलटहवा के तीन पुरवों में पानी पहुंचने के बाद वहां प्राथमिक स्कूल में छुट्टी कर दी गई है। इस बीच नदी के जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि के चलते नजदीकी इलाके के लोगों में डर बढ़ गया है। नदी का जलस्तर मंगलवार को खतरे के निशान से 39 सेंमी ऊपर पहुंच गया। इससे पानी निकटवर्ती एक दर्जन गांवों के और नजदीक पहुंच गया।
माझा उलटहवा के दिलशेर का पुरवा, जालिम का पुरवा व प्रधान का पुरवा में बाढ़ का घुस चुका है। आठ अन्य पुरवे भी बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। इसके अलावा माझा करमपुर बरसावां, अवसानपुर, सलारपुर महरीपुर, आसोपुर, छज्जापुर, बेलदहां, फूलपुर, केवटला, पल्टूपीर के निकट तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। सरयू नदी से जुड़े थिरुआ नाले के रास्ते बाढ़ का पानी ग्राम चौथइया, पैकोलिया, गौरागूजर, बेलहरी, बसावनपुर, पिपरी मोहम्मदी तक भी तेजी से बढ़ रहा है।
माझा उलटहवा गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में बाढ़ का पानी पहुंच जाने से बच्चों की छुट्टी कर दी गई है। नदी उफनाने से माझा क्षेत्रों में पशुओं के चारे की समस्या खड़ी हो गई है। ग्रामीणों को कमर तक पानी में जाकर चारे की व्यवस्था करने को मजबूर होना पड़ रहा है। बाढ़ के पानी से माझा क्षेत्र की करीब 100 बीघा फसल जलमगभन हो गई।