फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ambedkar Nagar News: जलस्तर घटा, कटान तेज, सरयू में समाए खेत और बाग

विज्ञापन
सरयू में समाए खेत और बाग
विज्ञापन
राजेसुल्तानपुर (अंबेडकरनगर)। सरयू नदी के जलस्तर में कमीं आने से शनिवार को भी कटान हुई। लगभग 19 बीघा खेत नदी में समा गया। इससे आधा दर्जन किसानों को आर्थिक चपत लगी। माझा कम्हरिया में खेत के साथ शीशम की आधी बाग का भी कटान में समा गई। इस बीच जलस्तर में कमीं होने के बाद भी अराजी देवारा संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी शनिवार को भी बना रहा, जिससे नाव का संचालन लगातार जारी है।
विज्ञापन

सरयू नदी के जलस्तर में शुक्रवार की तुलना में 67 सेमी की कमीं आई। हालांकि अभी भी पानी चेतावनी बिंदु 85.56 मीटर से 33 सेमी. अधिक है। जलस्तर में कमीं होने से माझा क्षेत्र के हंसू का पूरा, करिया लोनिया का पूरा, सिद्धनाथ, कुर्मी प्रसाद का पूरा के ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। दरअसल बाढ़ का पानी संबंधित मजरों के करीब तक पहुंच गया था।
हालांकि इन सबके बीच शुरू हुई कटान ने माझा क्षेत्र के लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शुक्रवार से शुरू हुआ कटान का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। माझा कम्हरिया के पतिराम यादव, जंगबहादुर निषाद, जिलेबा निषाद, राजाराम, परमात्मा, राघवेंद्र, शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक लगभग 19 बीघा खेत नदी में समा गया। इसके अलावा माझा कम्हरिया निवासी राघवेंद्र सिंह की शीशम की आधी बाग का अस्तित्व समाप्त हो गया। माना जा रहा है कि यदि इसी प्रकार से कटान जारी रही तो पूरी बाग नदी में समा जाएगी।
विज्ञापन

उधर जलस्तर में कमीं होने के बाद भी अराजदी देवारा संपर्क मार्ग पर बाढ़ का पानी शनिवार को भी बना रहा। इससे संबंधित मार्ग पर नाव का संचालन जारी रहा। इसके अलावा कम्हरिया स्थित धर्मशाला की भी सीढ़ी पर अभी भी बाढ़ का पानी बना हुआ है।

-
अधिकारियों ने लिया जायजा
कटान वाले क्षेत्र में शनिवार को एएसपी पूर्वी श्यामदेव, एसडीएम सदानंद सरोज व सीओ आरबी सिंह पहुंचे। अधिकारियों ने किसानों को आश्वस्त किया कि कटान को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं, उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसके साथ ही अधिकारियों ने माझा कम्हरिया व अराजी देवारा के दर्शननगर में संचालित स्वास्थ्य शिविर पर भी पहुंचकर जायजा लिया। जिम्मेदारों को निर्देशित करते हुए कहा कि ग्रामीणों की बेहतर ढंग से स्वास्थ्य जांच की जाए, आवश्यकतानुसार दवाएं दी जाएं। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें