राजेसुल्तानपुर। सरयू नदी का बढ़ता जलस्तर एक बार फिर तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ाने लगा है। लगातार तीसरे दिन नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज होने से निचले इलाकों में धीरे-धीरे पानी भरने लगा है। हालांकि अभी पानी गांवों से दूर है, लेकिन नदी का रुख इसी तरह बढ़ता रहा तो निचले हिस्सों में स्थिति बिगड़ने की आशंका से ग्रामीण सहमे हुए हैं। उधर, मांझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा और पटपरवा के बीच मुख्य मार्ग पर कीचड़ ने पहले ही ग्रामीणों और राहगीरों की मुश्किल बढ़ा दी है।
मंगलवार को 84.91 मीटर पर बह रही सरयू का जलस्तर बुधवार को बढ़कर 85.00 मीटर पहुंच गया। यानी 24 घंटे में नदी के जलस्तर में नौ सेंटीमीटर की वृद्धि हुई। अब नदी खतरे के निशान से महज 56 सेंटीमीटर नीचे बह रही है। लगातार बढ़ते पानी से नदी किनारे के निचले हिस्सों में पानी पहुंचने लगा है। जलस्तर बढ़ने के बीच मांझा कम्हरिया के कल्लू का पूरा और पटपरवा गांव के बीच मुख्य मार्ग की हालत भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। पटपरवा निवासी राम चंदर और राजेश ने बताया कि मुख्य मार्ग पर कीचड़ होने से ग्रामीणों के साथ राहगीरों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कीचड़ के कारण कई बार बच्चों के फिसलकर गिरने से चोट लगने का खतरा बना रहता है। तहसीलदार पद्मेश श्रीवास्तव ने बताया कि नदी का जलस्तर बढ़ा है लेकिन अभी वह खतरे के निशान से नीचे है।
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तटवर्ती गांवों में बढ़ी चिंता
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विद्युतनगर। टांडा तहसील क्षेत्र में मंगलवार को नदी के जलस्तर बढ़ने से तटवर्ती गांवों के ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। क्षेत्र के उल्टहवा माझा, अवसानपुर, केवटला, डुहियां, महरीपुर माझा कला, माझा चिंतौरा, नैपुरा, सलोनाघाट, ढेलमऊ समेत एक दर्जन से अधिक गांवों के प्रभावित होने का खतरा है। बाढ़ खंड के जेई रमा ने बताया कि बाढ़ की आशंका को देखते हुए लगातार चौकसी बरती जा रही है। संवाद
डूबीं सीढ़ियां, किसानों को फसल बर्बादी की चिंता
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श्रवण क्षेत्र। मौसम के बदले रुख के साथ जिले में लगातार हो रही बारिश का असर श्रवण धाम के संगम तट पर भी दिखाई देने लगा है। संगम पर नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। पानी बढ़ने से संगम तट की कुछ सीढ़ियां डूब गई हैं। उधर, ग्रामीण महेंद्र गौड़ और विजय मौर्य ने आशंका जताई कि यदि नदियों का जलस्तर इसी तरह बढ़ता रहा तो खेतों में भी पानी भर सकता है। पिछली बार बाढ़ के पानी में दो तालाबों की मछलियां भी बह गई थीं, जिससे लाखों रुपये का नुकसान हुआ था।
श्रवण क्षेत्र में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबीं सीढि़यां।
श्रवण क्षेत्र में तमसा नदी का जलस्तर बढ़ने से डूबीं सीढि़यां।