हंसवर थाना क्षेत्र के गांव निवासी रामप्रीत की मामूली विवाद में लाठी डंडों व धारदार हथियार से पीट पीटकर मरणासन्न कर दिया गया था। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां आरोप के मुताबिक इलाज में लापरवाही बरते जाने के चलते उसकी मौत हो गई थी।
परिवारीजनों ने इसकी शिकायत डीएम विवेक से की थी। डीएम ने इसे गंभीरता से लेते हुए एसडीएम सदर पंकज के नेतृत्व में मजिस्ट्रेटी जांच का निर्देश दिया था। इसी संबंध में एसडीएम ने सीएमओ से आवश्यक जानकारी की तो सीएमओ मेजर डा बीपी सिंह ने उन पर अभद्रता का आरोप लगाया।
एसडीएम ने अपनी जांच में सीएमओ को लचर व्यवस्था का दोषी मानते हुए कार्रवाई की संस्तुति गत दिनों की थी। इस बीच सीएमओ ने डेढ़ करोड़ रुपये की मानहानि का दावा करने की चेतावनी दी। साथ ही यह भी कहा कि वह मेडिकल बोर्ड से एसडीएम के मानसिक स्तर की जांच कराएंगे।