कहा गया कि यदि केस वापस नहीं लिया गया तो 1 जनवरी से समूचे प्रदेश में धान खरीद का कार्य ठप कर दिया जाएगा। इस बीच गुरुवार को भी विभिन्न क्रय केंद्रों पर किसान धान लेकर पहुंचे। केंद्रों पर ताला लटका होने के चलते उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा।
गौरतलब है कि बीते दिनों अहिरौली थाना अंतर्गत निवासिनी महिला ने खाद्य विभाग के छह अधिकारियों पर दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। इस पर खाद्य विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया था।
यूपी फूड एंड सिविल सप्लाइज इंस्पेक्टर्स/आफीसर्स एसोसिएशन ने दुष्कर्म के फर्जी केस को रद्द किए जाने की मांग को लेकर बेमियादी हड़ताल शुरू कर दी थी। कहा गया कि जब तक फर्जी मुकदमा वापस नहीं लिया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी।
गुरुवार को जिला मुख्यालय स्थित कार्यालय के समक्ष चल रहे धरने की अध्यक्षता कर रहे अध्यक्ष संतोष कुमार ने कहा कि पुलिस प्रशासन पूरी तरह मनमानी पर उतर आया है। सिर्फ अपने को गबन की कार्रवाई से बचाने के लिए एक राइसमिलर ने महिला को बहकाकर अधिकारियों पर दुष्कर्म का झूठा केस दर्ज कराया है। फर्जी केस दर्ज कर संबंधित अधिकारियों का मानसिक उत्पीड़न किया जा रहा है।
वक्ताओं ने कहा कि अधिकारियों व कर्मचारियों का उत्पीड़न कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन को दर्ज केस रद्द करना ही पड़ेगा। केस रद्द करने एवं झूठा केस दर्ज कराने वाली महिला व मुख्य साजिशकर्ता राइसमिलर के विरुद्ध केस दर्ज कराने की मांग की।
कहा गया कि यदि केस रद्द नहीं किया गया तो 1 जनवरी से समूचे प्रदेश में अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करते हुए धान की खरीद ठप कर दी जाएगी। अभी यह हड़ताल सिर्फ फैजाबाद मंडल में ही लागू है। इस दौरान मनोज मिश्र, शैलेंद्र कुमार व दीपू तिवारी आदि मौजूद रहे।