प्रमन श्रीवास्तव
अंबेडकरनगर। जिले की 997 सरकारी जमीनों पर वक्फ की संपत्तियां मिली हैं। करीब 219.93 हेक्टेअर क्षेत्रफल वाली इन जमीनों पर सुन्नी और शिया वक्फ बोर्ड के कब्रिस्तान, मस्जिद, करबला और ईदगाह बने हुए हैं। शासन के निर्देश पर कराए गए सर्वे में यह खुलासा हुआ है। अब आगामी 20-21 जनवरी को संयुक्त संसदीय समिति के सामने रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी।
वक्फ (संशोधन) विधेयक पर विचार करने के लिए 31 सदस्यीय संयुक्त संसदीय समिति बनाई गई है। यह समिति प्रदेश भर में वक्फ व सरकारी संपत्तियों की जांच कर संसद को रिपोर्ट सौंपेगी। इसके आधार पर संशोधित विधेयक पारित होगा और संपत्तियों का स्वामित्व तय किया जाएगा। आगामी 20 व 21 जनवरी को लखनऊ में संसदीय समिति की बैठक होगी। इसमें हर जिले की वक्फ संपत्तियों का ब्योरा प्रस्तुत किया जाएगा। वास्तविक स्थिति का पता लगाने के लिए तहसीलवार सरकारी संपत्तियों का सर्वे कराया गया है।
सर्वे रिपोर्ट के अनुसार 997 सरकारी जमीनों पर शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड की संपत्तियां मिली हैं। इनमें ज्यादातर जमीनों पर ईदगाह, कब्रिस्तान, दरगाह, करबला इत्यादि बने हुए हैं। करीब 219.93 हेक्टेअर का कुल क्षेत्रफल मिला है।
टांडा व अकबरपुर में सबसे ज्यादा जमीनें
सबसे ज्यादा जमीनें टांडा और अंबेडकरनगर में सामने आई हैं। टांडा तहसील क्षेत्र में कुल 446 जमीनें हैं, जिनमें 4.99 हेक्टेअर पर शिया एवं 53.249 पर सुन्नी वक्फ बोर्ड काबिज है। अकबरपुर में 84.5 हेक्टेअर क्षेत्रफल की 264 जमीनें सामने आई हैं।
तहसीलवार जमीनें व क्षेत्रफल
जलालपुर- 223- 36.48 हेक्टेअर
आलापुर- 115- 29.49 हेक्टेअर
भीटी- 49- 12.06 हेक्टेअर
टांडा- 346- 58.23 हेक्टेअर
अकबरपुर- 264- 84.5 हेक्टेअर
शासन के निर्देश पर तहसीलवार सर्वे कराया गया है। रिपोर्ट शासन को भेजी जा रही है। संसदीय समिति की बैठक में निर्णय होगा। -छोटेलाल, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी