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आंधी में गिरी दीवार व छप्पर, मासूम की मौत

Wed, 08 Jun 2016 11:37 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अंबेडकरनगर में मंगलवार देर सायं आई तेज आंधी से कलेक्ट्रेट में टूटकर गिरी पेड़ की डाल। - फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार देरशाम तेज आंधी मरथुआ सरैया निवासी एक परिवार के लिए काल बनकर आई। आंधी के तेज झोंकों से छप्पर व मिट्टी की दीवार ढह जाने से दो वर्षीय मासूम की मौके पर ही मौत हो गई जबकि उसकी मां बुरी तरह जख्मी हो गई। आनन-फानन में निजी वाहन से दोनों को जिला अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों ने मासूम को मृत घोषित कर दिया।
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महिला की हालत गंभीर है। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को प्रशासन से मदद की मांग की है। मंगलवार शाम को आयी तेज आंधी ने जहां कई जगह पेड़ व विद्युत तार आदि क्षतिग्रस्त कर दिया, वहीं अहिरौली थाना क्षेत्र के मरथुआ सरैया ग्राम पंचायत के सरैया गांव में एक परिवार के लिए यह काल बन गई।

दरअसल आंधी के समय गांव निवासी रामगोपाल वर्मा की पत्नी मंजू (32) छप्परनुमा घर में भोजन बना रही थी। इसी बीच तेज आंधी के थपेड़ों ने छप्पर समेत मिट्टी की दीवार को ढहा दी। इससे छप्पर के नीचे मौजूद वह और उसका दो वर्षीय पुत्र समर उसकी चपेट में आ गए।
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घटना से परिवारीजनों में रोना-पिटना मच गया। चीख-पुकार पर पहुंचे ग्रामीणों ने किसी तरह छप्पर के मलबे से महिला को बाहर निकाला। घायल मंजू ने बताया कि उसका पुत्र भी छप्पर के नीचे दबा है। ग्रामीणों ने जब तक छप्पर के बाकी मलबे को हटाकर बच्चे को बाहर निकाला, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना से समूचे गांव में अफरा-तफरी मच गई। निजी वाहन से महिला व बच्चे को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। महिला का गंभीर दशा में उपचार चल रहा है जबकि मासूम बच्चे को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। घटना से रामगोपाल के परिवारीजनों में रोना-पिटना मचा हुआ है।

ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को अहेतुक सहायता दिलाने की मांग की है। घटना की जानकारी होने पर बुधवार सुबह नायब तहसीलदार अकबरपुर ने राजस्वकर्मियों के साथ गांव का दौरा किया। उन्होंने परिवारीजनों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन की तरफ से सभी मदद की जाएगी।

भीषण गर्मी व उमस के बीच मंगलवार देर शाम तेज आंधी के साथ कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश हुई। इससे एक तरफ जहां भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को काफी राहत मिली वहीं जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में कई स्थानों पर एक दर्जन से अधिक पेड़ धराशायी हो गई।

 कई टीन शेड उड़ गए तो जिला मुख्यालय पर एक मकान की बाउंड्रीवाल ढह गई। कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहे तापमान से लोगों में त्राहि-त्राहि मची हुई थी। मंगलवार शाम से ही काले बादल उमड़ने-घुमड़ने लगे। इससे लोगों को उम्मीद हुई कि शायद बारिश हो। देर शाम तेज आंधी चलने लगी।

आंधी के बीच टांडा व आलापुर तहसील क्षेत्र के कुछ क्षेत्रों में तेज बारिश हुई जबकि जिला मुख्यालय व इर्दगिर्द के क्षेत्रों में हल्की बारिश हुई। लगभग आधा घंटा तक आंधी का दौर चला। इससे जिला मुख्यालय समेत ग्रामीण क्षेत्रों में जगह-जगह एक दर्जन से अधिक पेड़ धराशायी हो गए।

सड़क पर पेड़ गिरने से एक तरफ जहां आवागमन में बाधा उत्पन्न हुई वहीं कई स्थानों पर पेड़ गिरने से विद्युत तार क्षतिग्रस्त हो गए। इससे कई घंटे तक विद्युत आपूर्ति ठप रही। जिला मुख्यालय पर रसूलपुर हौजपट्टी, पेवाड़ा, अहिराना आदि मोहल्लों में कई टीन शेड उड़ गए।

दोस्तपुर रोड पर गौहन्ना के निक्अ एक राइसमिल की बाउंड्रीवाल ढह गई। यह संयोग ही रहा कि इसमें कोई हताहत नहीं हुआ। उधर, आंधी-पानी से मौसम खुशगवार हो गया। इससे भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों ने राहत की सांस ली। बुधवार को भी पूरे दिन धूप-छांव के बीच लुकाछिपी का खेल चलता रहा।
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