15 वर्ष पूर्व हुई युवक की हत्या के एक मामले में आरोपी को अपर सत्र न्यायाधीश शंकरलाल ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
थाना क्षेत्र बसखारी अंतर्गत टड़वा उजारी निवासी मदनमोहन ने बसखारी थाने में दर्ज कराए एक केस के जरिये कहा था कि उसके भाई हृदयलाल (23) की 12 जुलाई 2001 को गांव के बाहर हत्या कर दी गई। उसका शव अगले दिन मिठौरा गांव के निकट सड़क की उत्तरी पटरी पर मिला।
शरीर के कई भागों में चोट व खरोंच के निशान पाए गए। घटना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और केस दर्ज कर लिया। बाद में इस मामले में गांव निवासी आरोपी भानुप्रताप यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। मामले में आरोपी की जमानत अर्जी खारिज हो चुकी थी। इस बीच यह मामला सत्र परीक्षण के लिए पेश हुआ।
इसमें आरोपी को घटना में लिप्त पाते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायाधीश कक्ष संख्या तीन शंकरलाल ने इसके साथ ही आरोपी पर 10 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया।
यह भी आदेश दिया गया कि यदि अर्थदंड अदा न किया गया तो एक वर्ष का साधारण कारावास भी भुगतना होगा। साक्ष्य मिटाने की धारा में इसी अभियुक्त को तीन वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाए जाने के साथ ही तीन हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया।