अकबरपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म दो पर ट्रेन में चढ़ने के लिए मौजूद यात्री।
अंबेडकरनगर। दिवाली और छठ जैसे बड़े त्योहार अभी कुछ हफ्ते दूर हैं, लेकिन प्रवासियों की घर वापसी की राह अभी से मुश्किल हो गई है। लंबी दूरी की ट्रेनों में अक्तूबर के पूरे महीने तक स्लीपर और एसी कोच फुल हो चुके हैं। हालात यह हैं कि वेटिंग लिस्ट 200 से 300 तक पहुंच गई है, जिससे हजारों यात्री परेशान हैं।
बुधवार को अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर टिकट के लिए भारी भीड़ उमड़ी। दिल्ली, मुंबई, गुजरात, बंगलुरु जैसे महानगरों से पूर्वांचल आने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटें नदारद हैं। टिकट बुकिंग साइट्स और काउंटरों पर हर रोज़ निराशा हाथ लग रही है। ट्रेनों में जगह न मिलने के कारण लोग मजबूरन बस, टैक्सी या रिजर्व वाहनों का सहारा ले रहे हैं, जिनका किराया सामान्य दिनों के मुकाबले दोगुना-तिगुना हो चुका है। यह स्थिति खासकर दैनिक मजदूरी और सीमित आय वाले प्रवासी परिवारों को आर्थिक रूप से बहुत प्रभावित कर रही है। त्योहारों को देखते हुए अब तक रेलवे की ओर से किसी भी विशेष ट्रेन की घोषणा नहीं हुई है। इससे पूर्वांचल लौटने वाले लाखों प्रवासियों की चिंता बढ़ गई है। सामाजिक संगठनों और स्थानीय नागरिकों ने रेलवे प्रशासन से तत्काल स्पेशल ट्रेनों के संचालन की मांग की है।
संख्या लगातार बढ़ रही
हर साल त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ती है। इससे असुविधा होना स्वाभाविक है। यदि रेलवे द्वारा स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाए, तो यात्रियों को बड़ी राहत मिल सकती है।
— पलटूराम, मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक