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Ambedkar Nagar News: गम व गुस्से में ग्रामीण, बच्चों को नहीं भेजा स्कूल

Tue, 30 Sep 2025 01:53 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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.विद्यालय के कक्ष में बच्चों की अनुप​स्थिति से पसरा सन्नाटा। छात्रा के घर के बाहर जुटी ग्रामीणो
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अंबेडकरनगर। मालीपुर इलाके में दलित छात्रा की हत्या के बाद से गांव में गम व गुस्से का माहौल है। ग्रामीणों ने सोमवार को अपने बच्चों को स्कूल भी नहीं भेजा। गांव की गलियों में सन्नाटा पसरा रहा। घटना का दो दिन बाद भी खुलासा न होने से परिजन आक्रोशित रहे। वहीं ग्रामीण अपनी देहरी पर कयास लगाते हुए नजर आए। पुलिस खुलासे के करीब होने का दावा तो कर रही है, लेकिन अभी कुछ भी स्पष्ट तौर पर बताने को तैयार नहीं है।
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बिलखते हुए मां ने पूरे किए रिवाज
छात्रा के अंतिम संस्कार के बाद माता-पिता दुख में डूबे हैं। आंखों में आंसू के साथ मां बेटी की आत्मा की शांति के लिए रिवाज पूरी कर रही थीं। रिश्तेदारों के बीच मौजूद पिता अब तक हुए पूरे घटनाक्रम पर चर्चा करते नजर आए। परिजनों ने बताया कि प्रधान पंचनामा कराने से लेकर पोस्टमार्टम तक आगे रहे, लेकिन इसके बाद से झांकने तक नहीं आए। पुलिस की जांच पर भी सवाल उठाए। कहा कि दो दिन बाद भी खुलासे की जगह सिर्फ आश्वासन ही दिया जा रहा है।
ग्रामीणों में चर्चाओं का बाजार गरम
सुबह से ही ग्रामीण अपने घरों के आगे तीन से चार लोगों के झुंड में चर्चा करते नजर आए। ग्रामीणों को कहना था कि जब इंटर की छात्रा ही सुरक्षित नहीं है तो कई बच्चे छोटे हैं उन्हें स्कूल भेजना संभव नहीं है। स्कूल में शिक्षक तो मिले, लेकिन छात्र एक भी नहीं था। खंड शिक्षा अधिकारी मीनाक्षी सिंह ने बताया कि शिक्षकों को गांव भेजकर बच्चों को स्कूल भेजने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
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50 से ज्यादा लोगों से हो चुकी पूछताछ
पुलिस की टीमें हत्या के खुलासे के लिए अब तक 50 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। इसमें गांव के ही 24 लोग शामिल हैं। इसके अलावा उन लोगों से भी पूछताछ की गई, जो घटना के समय या उसके बाद मौके के आसपास मौजूद थे। मालीपुर प्रभारी निरीक्षक ने एसओजी की टीम के साथ गांव पहुंचकर कई लोगों से पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि हत्यारे के करीब पहुंचे चुके हैं। जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।
ये है मामला

27 सितंबर की सुबह स्कूल के लिए निकली 17 वर्षीय इंटर की छात्रा की गला घोंटकर हत्या कर दी गई थी। दोपहर में स्कूल की छूट्टी होने पर जब छात्रा घर नहीं पहुंची तो मां ने उसकी तलाश शुरू की। प्रधानाचार्य से पूछने पर पता चला कि छात्रा घटना वाली सुबह स्कूल ही नहीं पहुंची थी। अनहोनी की आशंका होने पर पुलिस को सूचना दी गई। कई घंटे खोजबीन के बाद घर से 250 मीटर दूर धान के खेत में छात्रा का शव मिला था। 28 सितंबर को ग्रामीण और विभिन्न राजनीतिक दलों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि गांव पहुंचे थे। आईजी प्रवीण कुमार, डीएम अनुपम शुक्ला, एसपी अभिजीत आर शंकर ने अपनी मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार कराया था।

पुलिस की टीमें घटना के खुलासे में जुटी हैं। हर पहलू की गहनता से जांच की जा रही है। कई अहम सुराग भी मिले हैं। जल्द ही घटना में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर खुलासा किया जाएगा। -अभिजीत आर शंकर, एसपी

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बेटी के इलाज के लिए लिया कर्ज उतारने लुधिायाना कमाने गए थे पिता

अंबेडकरनगर। घर से स्कूल जाते समय जिस इंटर की छात्रा की हत्या कर शव धान के खेत में हत्यारों ने फेंका था। वह कुछ माह पूर्व पेट व कान की बीमारी से ग्रसित थी। इलाज कराने में परिजनों ने लाखों रुपये खर्च किए। इससे परिवार पर ढाई लाख रुपये का कर्ज चढ़ गया था। बकायेदारों का दबाव बढ़ने पर छात्रा की मां ने पति को लुधियाना नौकरी करने के लिए तीन माह पूर्व भेजा था। ताकि कर्ज की अदायगी के बाद बेटी का भविष्य संवार सकें, लेकिन उन्हें क्या पता था कि जिस बेटी के लिए उनके पिता एक हजार किलोमीटर दूर गए हैं उनके न रहने पर उनकी बेटी की बेरहमी से कत्ल कर दिया जाएगा। 27 सितंबर को छात्रा के पिता के पास ग्रामीणों ने फोन कर बेटी की हत्या की जानकारी दी। लेकिन उन्हें इस पर विश्वास ही नहीं हो पा रहा था। इसके बाद नाते-रिश्तेदारों को फोन कर जानकारी ली। तब उनको बेटी का शव धान के खेत में पड़ा मिलने पर विश्वास हुआ। इसके बाद अंतिम बार बेटी का चेहरा देखने के लिए सीधे पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे थे।

.विद्यालय के कक्ष में बच्चों की अनुपस्थिति से पसरा सन्नाटा। छात्रा के घर के बाहर जुटी ग्रामीणो

.विद्यालय के कक्ष में बच्चों की अनुपस्थिति से पसरा सन्नाटा। छात्रा के घर के बाहर जुटी ग्रामीणो

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