शनिवार को मंगुराडिला बाजार में मामूली कहासुनी के बाद मंगुराडिला गांव निवासी रामसजीवन यादव व चुरैला गांव निवासी सुशील कुमार के बीच मारपीट हो गई थी। बाद में पुलिस ने दोनों का शांतिभंग में चालान कर दिया था। इसी मामले को लेकर रविवार पूर्वाहन सुशील पक्ष के बड़ी संख्या में ग्रामीण थाने पहुंचे।
यहां थाने के समक्ष प्रदर्शन करते हुए कहा कि पूरे घटनाक्रम में पुलिस मनमानी कर रही है। बगैर किसी दोष के ही सुशील का चालान कर दिया गया, जबकि दूसरे पक्ष के लोगों ने ही उसकी जमकर पिटाई की थी। इसमें सुशील को चोटें भी आईं थीं। आक्रोशित ग्रामीणों का आरोप था कि पुलिस ने सुशील का बगैर मेडिकल कराए ही चालान कर दिया।
ग्रामीणों ने मांग करते हुए कहा कि सुशील का पहले मेडिकल कराया जाए, इसके बाद रामसजीवन व अन्य के विरुद्ध एससी एसटी का मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही दोषी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। लगभग एक घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद एसएसआई शशिकांत ने आवश्यक कार्रवाई किए जाने का आश्वासन देकर ग्रामीणों को शांत कराया।