अंबेडकरनगर। भूमि पर कब्जा कर लिए जाने के विरोध में अलग-अलग थाना क्षेत्र के पीड़ितों की ओर से कलेक्ट्रेट पर दिया रहा अनिश्चितकालीन धरना रविवार को समाप्त करा दिया गया। जिम्मेदारों ने धरनास्थल पर पहुंचकर कार्रवाई का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया। हालांकि पीड़ितों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र ही उन्हें न्याय नहीं मिला तो फिर से धरना दिया जाएगा।
मालीपुर थाना अंतर्गत रसूलपुर बाकरगंज गांव निवासी बाबा वीरेंद्रदास त्यागी ने गांव के बाहर स्थित मैदान पर भू माफिया की ओर से कब्जा कर लिए जाने के विरोध में कलेक्ट्रेट के निकट आमरण अनशन शुरू कर रखा था। उनकी मांग थी कि न सिर्फ कब्जा हटवाया जाए, बल्कि संबंधित मैदान को खेल मैदान घोषित किया जाए। इसी प्रकार भीटी तहसील अंतर्गत प्रतापपुर चमुर्खा उत्तरी निवासी शीला देवी परिवार के सदस्यों के साथ कलेक्ट्रेट के निकट अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी थी। उनका आरोप था कि उसने अपनी पुश्तैनी भूमि पर दीवार खड़ी की थी, जिसे विपक्षियों ने न सिर्फ ढहा दिया, बल्कि संबंधित भूखंड की तरफ अपना दरवाजा भी खोल लिया। उनकी मांग थी कि पुलिस सुरक्षा के बीच न सिर्फ दीवार का निर्माण कराया जाए, बल्कि विपक्षियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जाए।
बेवाना थाना क्षेत्र के रसूलपुर दियरा गांव निवासी महेश गुप्ता ने परिवार के साथ कलेक्ट्रेट के निकट पहले अनिश्चितकालीन धरना, फिर इसके बाद गत शुक्रवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया था। उसका आरोप था कि गांव स्थित एक भूखंड को लेकर उसका विपक्षियों के साथ विवाद चला आ रहा है। मामला न्यायालय में लंबित है, लेकिन इसके बावजूद बीते दिनों विपक्षियों ने पुलिस से मिलीभगत कर दीवार का निर्माण करा लिया। उसकी मांग थी कि न सिर्फ दीवार ढहाई जाए, बल्कि विपक्षियों के विरद्ध कार्रवाई की जाए। कलेक्ट्रेट के निकट चल रहे इन धरनों को रविवार को जिम्मेदारों ने पहुंचकर जरूरी कार्रवाई का भरोसा दिलाकर समाप्त करा दिया।
--