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Ambedkar Nagar News: 5,067 किसानों का नहीं हो पाया सत्यापन, गेहूं खरीद प्रभावित

Mon, 07 Apr 2025 03:24 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अम्बेडकरनगर
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किछौछा क्षेत्र में हो रही गेहूं की कटाई। 
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अंबेडकरनगर। गेहूं की खरीद की गति बहुत ही मंद गति से चल रही है। 18 दिनों में 1,691 क्विंटल गेहूं की खरीद हो सकी है। इसके पीछे का कारण किसानों की खतौनी का सत्यापन न होना है। कुल पंजीकृत 12,211 किसानों में से अब तक 7,162 का पंजीकरण हो पाया है। 5067 किसानों का सत्यापन तहसील व एडीएम स्तर पर लंबित है। यही हाल रहा तो लक्ष्य को पूरा करने की बात तो दूर आधी खरीद भी कर पाना मुश्किल दिखाई पड़ रहा है।
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जिले को इस बार 1,36,000 क्विंटल गेहूं की खरीद का लक्ष्य मिला है। इसके लिए 83 क्रय बनाए गए हैं। अब तक केवल 31 केंद्रों पर ही गेहूं की खरीद शुरू हो सकी है। अन्य केंद्रों पर खरीद पिछड़ने के पीछे किसानों के खतौनी का सत्यापन न होना बताया जा रहा है।

खाद्य एवं विपणन विभाग में गेहूं की बिक्री के लिए करीब 12,211 किसानों ने पंजीयन कराया है। 17 मार्च से गेहूं की तौल शुरू करा दी गई। 14 दिन बाद एक अप्रैल को किसान गेहूं क्रय केंद्र पर पहुंचे। इसके बाद लगा कि अब तेजी से गेहूं की खरीद होगी, लेकिन अचानक किसानों की खतौनी का सत्यापन गेहूं खरीद में बाधा बन गई है। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं का समर्थन मूल्य 2,425 रुपये तय है। इससे वैसे ही खाद्य एवं विपणन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को गांव-गांव घर-घर जाकर किसानों को क्रय केंद्र पर तौल कराने की गुजारिश करनी पड़ रही है। एसडीएम स्तर पर 4,970 और एडीएम स्तर पर 97 किसानों के खतौनी का सत्यापन लंबित पड़ा है। इसके चलते गेहूं खरीद रफ्तार नहीं पकड़ पा रही है।
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तहसील-कुल पंजीयन-सत्यापन-लंबित

टांडा- 1870- 959- 909

आलापुर -1450- 929- 522

जलालपुर-2428- 1431- 996

अकबरपुर-5076- 2604- 2483

भीटी-1387- 1239- 157

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तकनीकी खामी से नहीं बन पा रही थी आईडी

लेखपालों की खाद्य एवं विपणन विभाग में विशेष आईडी बनाई जानी थी। इसी आईडी से किसानों के खतौनी का सत्यापन किया जाना था, लेकिन शासन स्तर पर तकनीकी बदलाव की वजह से आईडी जनरेट नहीं हो पा रही थी। लेखपालों की आईडी तेजी से बनवाई जा रही है। -अरविंद त्रिपाठी, एसडीएम अकबरपुर

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हो रहा सत्यापन

पांच हजार से अधिक किसानों के खतौनी का सत्यापन लंबित है। इसके बाद भी जो किसान क्रय केंद्र पर पहुंच रहे है। उनकी तौल करने के बाद खतौनी का सत्यापन का कार्य कराया जा रहा है। - संतोष द्विवेदी, डिप्टी आरएमओ
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