बारिश के चलते जिले में आमद कम होने का सीधा असर फलों व सब्जियों के भाव पर पड़ा है। प्रमुख फलों के दाम एक पखवारे के दौरान तेजी से बढ़े हैं। कुछ सब्जियों कीमतों में वृद्धि आम लोगों के भोजन का स्वाद बिगाड़ने लगी है। कई फल तो आम लोगों की क्रय शक्ति से बाहर निकल गए हैं। इससे परेशान लोगों का कहना है कि सब्जी व फलों के दामों पर अंकुश लगाने के लिए सरकार को कुछ कदम उठाने चाहिएं।
बरसात शुरू होने के साथ ही जिले की मण्डियों में सब्जियों की आमद कम हुई है। व्यापारी बताते हैं यह कमी वाहनों के आवागमन में दिक्कत के चलते आई। इसका असर सब्जियों के भावों पर पड़ा है। टमाटर का दाम 10 रुपये प्रति किग्रा तक बढ़ गए हैं। हरी सब्जियों के भाव भी बढ़े हैं। इसके साथ ही प्रमुख फलों के दाम में भी तेजी से वृद्धि हुई।
एक पखवारे में अनार, केला, सेब व आम के दाम में 20 से 30 रुपये प्रति किग्रा तक वृद्धि दर्ज की गई। फल विक्रेता जवाहरलाल ने बताया कि जीएसटी व बरसात के चलते फलों की जिले में आमद कम हो रही है। इसके चलते दाम बढ़ रहे हैं। अनार करीब एक पखवारा पहले 60 रुपये प्रति किग्रा था जो अब 80 रुपये प्रतिकिलो हो गया।
इसी प्रकार केला 50 से 70 रुपये प्रति दर्जन, सेब 100 से 120 व आम 60 से 80 रुपये प्रति किग्रा बिक रहा है। व्यापारियों का कहना है कि बारिश को देखते हुए दामों में अभी और बढ़ोतरी हो सकती है। फल व्रिकेता पवन सोनकर के मुताबिक बरसात के साथ जीएसटी का भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। कई फल बड़ी मण्डियों तक नहीं पहुंच रहे हैं।
फलों व सब्जियों के दाम में वृद्धि से आम लोग परेशान हैं। अकबरपुर की सुमन व रानी ने कहा कि लगातार बढ़ती महंगाई पर अंकुश लगाने को लेकर केंद्र व प्रदेश सरकार को ठोस कदम उठाना चाहिए। सुशीला व सत्यवती ने कहा कि सब्जी के दाम में वृद्धि के साथ फलों की कीमते आसमान छू रही हैं। ऐसे में घर का बजट बिगड़ रहा है। इस बारे में भी सरकार को ठोस कदम उठाने चाहिएं।