समायोजन रद्द किए जाने के विरोध में शिक्षामित्र संयुक्त मोर्चा का कलेक्ट्रेट के निकट चल रहा बेमियादी धरना सोमवार को भी जारी रहा। कहा गया कि जब तक प्रदेश सरकार उनके समायोजन को लेकर विशेष विधेयक विधानसभा में नहीं लाती है, संघर्ष जारी रहेगा। तय किया गया कि 1 अगस्त को बांह में काली पट्टी बांधकर धरना दिया जाएगा जबकि 12 अगस्त को विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
प्राथमिक शिक्षामित्र संघ जिलाध्यक्ष केके द्विवेदी ने कहा कि प्रदेश सरकार को शिक्षामित्रों की कोई सुध नहीं है। एक फैसले ने उन्हें सड़क पर ला दिया है। इसे लेकर समूचे प्रदेश में शिक्षामित्र आंदोलनरत हैं। इसके बावजूद प्रदेश सरकार कोई गंभीरता नहीं दिखा रही है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ को शिक्षामित्रों के हित को देखते हुए विशेष विधेयक विधानसभा में पारित कराना चाहिए।
आदर्श समायोजित शिक्षक वेलफेयर एसोसिएशन जिलाध्यक्ष अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि शिक्षामित्रों की उपेक्षा कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शिक्षामित्र शिक्षक कल्याण समिति जिलाध्यक्ष रामचंदर मौर्य ने कहा कि शिक्षामित्र अपना हक लेकर ही रहेंगे। इसके लिए 1 अगस्त को बांह पर काली पट्टी बांधकर धरना देंगे।
कहा कि 12 अगस्त को मांगों को लेकर शिक्षामित्र विधानसभा का घेराव करेंगे। उन्होंने शिक्षामित्रों से आह्वान किया कि बड़ी संख्या में लखनऊ पहुंचकर घेराव को सफल बनाएं। इस दौरान शिक्षक नेता ज्ञानेंद्रमणि त्रिपाठी, दिनेश त्रिपाठी, सुरेंद्र यादव, रमापति वर्मा, आनंद सिंह, संजय, निसाहुद्दीन बेग, सूबेदार यादव, ओंकार व शिवप्रसाद आदि मौजूद रहे।