अंबेडकरनगर। विश्वविख्यात सूफी संत हजरत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी रहमतुल्लाह अलैह के उर्स-ए मरकजी का दो दिवसीय आयोजन रविवार से प्रारंभ हो गया है। इस अवसर पर सज्जादानशीन सैय्यद हसन अस्करी अशरफ आज सोमवार को खिरका मुबारक और छड़ी शरीफ़ के साथ पारंपरिक जुलूस की अगुवाई करेंगे।
भव्य जुलूस सुबह 9 बजे आस्ताना शरीफ से आरंभ होकर निजामुद्दीन नगर, खादिम टोला व किछौछा बाजार से होता हुआ पुनः खानकाह शरीफ लौटेगा। जुलूस में देशभर से आए हजारों जायरीन शामिल होंगे, जो अदब और अकीदत के साथ इस ऐतिहासिक परंपरा का हिस्सा बनेंगे।
सोमवार की देर शाम आयोजन स्थल पर विशेष कव्वाली संध्या आयोजित की जाएगी, जिसमें देश के ख्यातिप्राप्त कव्वाल अपनी रूहानी प्रस्तुतियों से माहौल को सूफियाना रंग देंगे। यह महफिल जायरीन और स्थानीय लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र होती है।
उर्स-ए मरकजी में आने वाले जायरीनों की भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा के इंतजाम किए गए हैं। पुलिस बल और नागरिक प्रशासन के अधिकारी पूरे आयोजन स्थल पर सतर्क रहेंगे, ताकि आयोजन निर्विघ्न रूप से संपन्न हो सके।