अंबेडकरनगर। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में शुक्रवार को कई विभागों की कार्य प्रणाली को लेकर हंगामे का माहौल रहा। बोर्ड बैठक में चार विभागों के प्रतिनिधियों के न पहुंचने से सदन की नाराजगी देखने को मिली। सभी विभागों को नोटिस जारी करने का निर्णय हुआ। आवास योजना में सचिव द्वारा अवैध वसूली करने तो वहीं पेयजल योजना के नाम पर सड़क पर गड्ढा खोदकर छोड़ देने का मामला भी प्रमुखता से उठाया गया।
जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बोर्ड की बैठक में बिजली विभाग, पीडब्लूडी के निर्माण खंड, वन विभाग व मंडी समिति के किसी अधिकारी के मौजूद न रहने पर सदस्यों में आक्रोश दिखा। कई जिला पंचायत सदस्यों ने कड़ी नाराजगी जतायी। जिला पंचायत सदस्य अश्विनी यादव ने कहा कि जब विभागों के अधिकारी ही नहीं आएंगे तो वह शिकायत किससे करेंगे। ऐसी बैठकों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।
जिला पंचायत सदस्य श्रीकांत कनौजिया ने भी कहा कि यदि अधिकारी नहीं आते हैं तो फिर आगे से बैठक नहीं चलेगी। बोर्ड का सम्मान सबसे पहले होना चाहिए। कई अन्य सदस्यों ने भी इसका समर्थन किया। माहौल गर्म होता देख जिला पंचायत अध्यक्ष साधू वर्मा ने स्थिति संभाली। जिपं अध्यक्ष ने कहा कि आगामी बोर्ड बैठक में अधिकारियों के न रहने पर उनके उच्चाधिकारियों को फोन किया जाएगा। उनकी मौजूदगी सुनिश्चित की जाएगी। जिपं अध्यक्ष ने शुक्रवार की बोर्ड बैठक में अनुपस्थित रहे अधिकारियों को नोटिस जारी करने का निर्देश दिया।
बोर्ड में कई जिला पंचायत सदस्यों ने गांवों में पेयजल योजना के नाम पर गड्ढे खोदकर छोड़ देने पर नाराजगी जताई। कहा कि जल निगम द्वारा इस समस्या को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। कुछ जिला पंचायत सदस्यों ने आवास देने के नाम पर सचिवों द्वारा वसूली करने तथा अपात्रों का नाम शामिल कर लेने का मुद्दा उठाया। डीडीओ सुनील तिवारी ने कहा कि प्रकरण की जांच कराई जाएगी।
सिर्फ अपनी सड़क की दिखी चिंता
बोर्ड बैठक में सर्वाधिक रोचक स्थिति तब देखने को मिली जब तीन जिला पंचायत सदस्यों ने अपने-अपने घर को जाने वाली सड़क पर ही जोर दे डाला। इन जिला पंचायत सदस्यों ने कोई और मुद्दा उठाया ही नहीं। एक-एक कर खड़े हुए इन जिपंस ने बोर्ड से अपने गांव को जाने वाली सड़क जल्द बनवा देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद वे बैठ गए।