असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाए जाने वाले पर्व दशहरा को लेकर जिले में खासा उल्लास है। एक दिन पूर्व ही रामलीला समितियों द्वारा रावण के विशालकाय पुतले को बनाने की तैयारी शुरू कर दी गई तो कहीं ऐतिहासिक राम-रावण युद्ध की तैयारियों को अंतिम रूप दिया गया। विजयदशमी के मौके पर होने वाले आयोजनों को लेकर युवाओं व बच्चों में खासा उल्लास दिखा।
जिले में तकरीबन 40 से अधिक जगहों पर रावण के पुतले का दहन होगा। 15 तो कहीं 21 फीट के रावण का पुतला जलेगा। सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने भी चौकसी बढ़ा दी है। जिले भर में दशहरा पर्व उल्लास पूर्वक मनाए जाने की तैयारियां एक दिन ही पहले ही पूरी कर ली गईं। शहजादपुर निवासी पर्व को लेकर खासे उत्साहित दिखे। वे रावण का 21 फीट का पुतला तैयार कर रहे हैं।
उन्होंने बताया कि शहजादपुर रामलीला परिसर में दशकों पूर्व से इस परंपरा का निर्वाह किया जा रहा है। विजयदशमी का पर्व असत्य पर सत्य की जीत के रूप में मनाया जाता है। यहां पर चल रही रामलीला का समापन भी मंगलवार को विजयदशमी के मौके पर रावण वध के बाद होगा। पहले राम-रावण युद्ध का मंचन होगा। भगवान रामचंद्र जी रावण पर विजय प्राप्त करेंगे।
रावण के धराशायी होते ही इस पुतले को आग के हवाले कर दिया जाएगा। पुतले को जहां रंग-बिरंगे कागजों से सजाया जाएगा, वहीं इसमें पटाखे आदि भी लगाए जाएंगे। यहां का रावण पुतला दहन काफी प्रसिद्ध है। इल्तिफातगंज रोड पर भी रावण का पुतला दहन होगा। इसी के साथ यहां चल रही रामलीला का समापन भी होगा।
आयोजन समिति से जुड़े राजू ने बताया कि यहां पर भी राम-रावण युद्ध के बाद रावण का पुतला जलाया जाएगा। इसके बाद विजयदशमी की खुशियां मनाई जाएंगी। शहरी क्षेत्रों के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में भी विजयदशमी पर्व को लेकर खासी तैयारियां हैं। रामलीला समितियों द्वारों जहां तैयारियां की गई हैं, वहीं कई जगहों पर राम-रावण युद्ध का मंचन किया जाएगा।
रावण पर भगवान राम के विजय पाने के बाद विशालकाय बने पुतलों का दहन होगा। टांडा के कस्बा मोहल्ला व मुबारकपुर में भी पर्व काफी उल्लास के साथ मनाया जाता है। श्रीकृष्ण रामलीला समिति से जुड़े रामकुमार मौर्य बताते हैं कि उनके यहां चार दशक से अधिक समय से यह परंपरा चली आ रही है। यहां का राम-रावण युद्ध खासा चर्चित है। इसे देखने के लिए शहर के अलावा ग्रामीण क्षेत्र के लोग पहुंचते हैं।
बसखारी, आलापुर, भीटी व महरुआ आदि क्षेत्रों में भी पर्व के मौके पर रावण के पुतला का दहन होगा। प्रचलित है कि इसी दिन भगवान राम ने लंका पर विजय पायी थी और रावण का वध कर धरती से राक्षस कुल का सर्वनाश किया था।
दशहरा पर्व को लेकर पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी भी काफी सक्रिय हैं। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने के लिए पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने सोमवार को बैठक कर क्षेत्राधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिया।
कहा कि सभी थानाध्यक्षों को निर्देशित कर दिया जाए कि जिन स्थानों पर रावण के पुतला का दहन या फिर अन्य आयोजन होने हैं, वहां पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित हो। साथ ही क्षेत्राधिकारियों को भी गश्त पर रहने की सलाह दी है। इसके अलावा सभी उपजिलाधिकारी भी अपने-अपने क्षेत्रों पर नजर रखेंगे।