जिले में डेंगू का प्रकोप दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। इसकी चपेट में आए जलालपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत साहबतारा गांव निवासी युवक की जहां वाराणसी के बीएचयू में तो वहीं राजेसुल्तानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत करौली राठौरी गांव निवासी युवक की आजमगढ़ स्थित वेदांता अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। डेंगू से हुई मौत के बाद संबंधित परिवारीजनों में कोहराम मचा हुआ है।
उधर, डेंगू के लगातार बढ़ते प्रकोप से जनपदवासियों में दहशत का माहौल है। जलालपुर प्रतिनिधि के अनुसार तहसील क्षेत्र अंतर्गत साहबतारा गांव निवासी प्रदीप सोनी (42) पुत्र मेघा सेठ को एक सप्ताह पूर्व तेज बुखार चढ़ गया। उसका पहले स्थानीय स्तर पर इलाज कराया गया लेकिन तबियत में सुधार नहीं हुआ।
इस पर उसे सीएचसी जलालपुर में भर्ती कराया गया। यहां जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। इस पर परिवारीजनों ने आननफानन में उसे वाराणसी स्थित बीएचयू में भर्ती कराया जहां इलाज के दौरान बुधवार देर शाम उसने दम तोड़ दिया। मौत की जानकारी परिवारीजनों को हुई तो उनमें रोना-पीटना मच गया।
राजेसुल्तानपुर प्रतिनिधि के अनुसार थाना क्षेत्र अंतर्गत करौली राठौरी गांव निवासी विकास (20) पुत्र जयनेंद्र मिश्र को चार दिन पहले तेज बुखार चढ़ गया। स्थानीय स्तर पर इलाज के बाद जब तबियत में सुधार नहीं हुआ तो उसे सीएचसी रामनगर ले जाया गया जहां जांच में डेंगू के लक्षण पाए गए। इस पर परिवारीजनों ने उसे आजमगढ़ जनपद स्थित वेदांता अस्पताल में भर्ती कराया।
गुरुवार दोपहर इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। इसकी जानकारी होते ही परिवारीजनों में कोहराम मच गया। गौरतलब है कि तहसील क्षेत्र में डेंगू व तेज बुखार का प्रकोप बीते डेढ़ माह से तेजी से बढ़ रहा है। शायद ही कोई ऐसा दिन गुजरता हो, जब तेज बुखार से पीड़ित मरीज सीएचसी से लेकर जिला अस्पताल तक में भर्ती न होते हों।
इसके अलावा डेंगू की चपेट में आने वालों की भी संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। इससे लोगों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। दरअसल डेंगू की चपेट में आने से इससे पहले छह से अधिक की मौत हो चुकी है। इनमें जफराबाद निवासी फुरकान (6), दरगाह भियांव निवासी रामप्रकाश (32), जफरपुर गांव निवासी कौशल श्रीवास्तव (35), उसमापुर निवासिनी रेहाना (40) व गुड़िया (5) आदि शामिल हैं।
इनके अलावा 12 से अधिक पीड़ितों का इलाज लखनऊ, वाराणसी व गोरखपुर में चल रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि डेंगू के बढ़ते प्रकोप पर अंकुश पाने के लिए न तो स्वास्थ्य विभाग और न ही स्थानीय प्रशासन द्वारा कोई ठोस कदम उठाया जा रहा है।
सीएमओ डॉ. मोहिबुल्लाह ने बताया कि डेंगू से हुई दो युवकों की मौत की जानकारी नहीं है। जानकारी कराई जाएगी। डेंगू व तेज बुखार पर नियंत्रण पाने के लिए विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। जगह-जगह कैंप लगाकर जांच कराई जा रही है। लोगों को स्वयं भी जागरूक होना होगा। न सिर्फ अपने घर बल्कि आसपास के क्षेत्र की भी साफ-सफाई रखनी होगी।