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पहले ही दिन नहीं खुले ज्यादातर क्रय केंद्रों के ताले

Wed, 02 Nov 2016 11:07 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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अन्नावां में बुधवार को बंद पड़ा धान क्रय केंद्र साधन सहकारी समित। - फोटो : अमर उजाला
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संबंधित अधिकारियों व केंद्र प्रभारियों की लापरवाही के चलते बुधवार को धान की खरीद का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका। किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिला मुख्यालय समेत विभिन्न क्षेत्रों में छह एजेंसियों के कुल 41 केंद्रों की स्थापना तो कर दी गई लेकिन इन केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की सुध नहीं रही।
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इसी का नतीजा रहा कि बुधवार को पहले ही दिन ज्यादातर क्रय केंद्र खुल ही नहीं सके। और तो और ज्यादातर केंद्रों पर तो कांटा, बाट व बोरा ही नहीं पहुंच सका है। पहले दिन इक्का-दुक्का किसान अपना-अपना धान लेकर संबंधित क्रय केंद्रों पर पहुंचे लेकिन उन्हें मायूसी हाथ लगी। केंद्रों पर धान खरीद शुरू न होने से बिचौलिए सक्रिय हो गए हैं।

उन्हें औने-पौने दाम पर धान बेचने के लिए किसानों को मजबूर होना पड़ रहा है। गौरतलब है कि जिले में 1 नवंबर से धान की खरीद का कार्य प्रारंभ होना था। 1 नवंबर को अवकाश के चलते 2 नवंबर से खरीद का कार्य जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित छह एजेंसियों के 41 क्रय केंद्रों पर किया जाना था। यह अलग बात है कि पहले ही दिन किसानों के हाथ मायूसी लगी।
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गौरतलब है कि किसानों को धान बिक्री में किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों में छह एजेंसियों के कुल 41 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं। इनमें से पीसीएफ के 27, यूपीस्टेट एग्रो का एक, यूपीएसएस के दो, कर्मचारी कल्याण निगम के तीन, भारतीय खाद्य निगम के दो व खाद्य विभाग के छह केंद्र शामिल हैं।

विगत वर्ष के सापेक्ष 30 मीट्रिक टन लक्ष्य बढ़ाकर 80 मीट्रिक टन लक्ष्य की पूर्ति के लिए बैठक दर बैठक कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया था। शासन-प्रशासन द्वारा दिए गए तमाम दिशा-निर्देशों का जिले में कितना असर रहा, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 2 नवंबर को पहले ही दिन ज्यादातर केंद्र खुल ही नहीं सके। जो खुले भी, वहां संसाधन ही आधे-अधूरे थे।

कहीं कांटा व बाट नहीं पहुंच सका था तो कहीं बोरा ही नहीं पहुंचा। बुधवार को क्रय केंद्रों का जायजा लेने के लिए निकली अमर उजाला टीम क्रय केंद्र अन्नावां पहुंची तो यहां केंद्र बंद मिला। इसी प्रकार जमुनीपुर व बरवा नासिरपुर क्रय केंद्र भी नहीं खुल सका था। तीनों ही केंद्रों पर पूरी तरह सन्नाटे का माहौल था। कुछ ऐसा ही जिले के लगभग सभी केंद्रों पर रहा।

जमुनीपुर के किसान सुरेश चौधरी ने संबंधित अधिकारियों की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए कहा कि क्रय केंद्रों पर सुचारु रूप से खरीदारी न होने के चलते उन्हें आढ़तियों के हाथों औने-पौने दाम पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

इल्तिफातगंज के भरतलाल ने कहा कि शासन-प्रशासन किसानों के हित को लेकर लंबे-चौड़े दावे तो करता है लेकिन उसे जमीनी हकीकत देने को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में स्थित क्रय केंद्र बुधवार को पहले ही दिन बंद रहा। कहा कि यदि शीघ्र ही खरीद का कार्य शुरू नहीं हुआ तो उन्हें मजबूरन आढ़तियों के हाथों धान की बिक्री करनी होगी।

बूढनपुर निवासी महेश शर्मा ने कहा कि जिस प्रकार से गेहूं बिक्री के लिए किसानों को इधर-उधर भटकना पड़ रहा था, उसी प्रकार से धान बिक्री के लिए भी भटकना पड़ेगा। संबंधित अधिकारियों को इस तरफ ठोस कदम उठाना चाहिए जिससे किसानों को अपनी उपज बिक्री के लिए परेशान न होना पड़े।

खाद्य एवं विपणन अधिकारी एके झा ने बताया कि किसानों को धान बिक्री के लिए किसी प्रकार की समस्या न हो, इसके लिए सभी क्रय केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। सभी केंद्रों पर आवश्यक संसाधन उपलब्ध करा दिए गए हैं। शीघ्र ही क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाएगा। यदि कहीं कोई केंद्र बंद मिला तो संबंधित के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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