मुंबई से गाजीपुर जा रहे मां-बेटे जहरखुरान गिरोह के शिकार हो गए। दोनों को गुरुवार सुबह किसान अप एक्सप्रेस से अकबरपुर रेलवे स्टेशन पर बेहोशी की दशा में उतारा गया। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
देर शाम तक महिला को होश नहीं आ सका था जबकि उसके 14 वर्षीय पुत्र को होश तो आया लेकिन वह घटना के बारे में कोई जानकारी नहीं दे सका। गुरुवार सुबह कंट्रोल रूम से जीआरपी को सूचना मिली कि किसान अप एक्सप्रेस के आरक्षित कोच में एक महिला व उसका पुत्र जहरखुरान गिरोह का शिकार हो गए हैं।
उनकी हालत गंभीर है। इस पर ट्रेन के अकबरपुर पहुंचते ही जीआरपी ने संबंधित कोच में जाकर देखा तो वहां एक महिला व एक किशोर को बेहोशी की दशा में पाया। उनके बगल में एक बैग भी रखा हुआ था। जीआरपी ने तत्काल दोनों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। देर शाम किशोर को होश आ गया।
उसने अपना नाम मोईनुद्दीन पुत्र मोहम्मद अब्बास व मां का नाम फातिमा (42) निवासी ढढना जनपद गाजीपुर बताया। मोईनुद्दीन ने बताया कि वे लोग मुंबई में रहते हैं। दोनों ट्रेन से वाराणसी पहुंचे। वहां से किसान एक्सप्रेस से अकबरपुर के लिए निकले थे। यहां से वे बस से गाजीपुर जाते। इससे पहले ही वे जहरखुरान गिरोह के शिकार हो गए।
हालांकि वह घटना कहां और किस प्रकार हुई और कितने सामान का नुकसान हुआ, इसके बारे में जानकारी नहीं दे सका। जीआरपी प्रभारी ने बताया कि मोईनुद्दीन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर गाजीपुर में रह रहे उसके पिता मोहम्मद अब्बास को जानकारी दे दी गई है। उसकी मां के होश में आने के बाद घटनाक्रम के बारे में जानकारी हो सकेगी।