अंबेडकरनगर। टांडा तहसील अन्तर्गत खासपुर व बलया जगदीशपुर गांव में बनकर तैयार 5-5 एमवीए क्षमता वाले दो विद्युत उपकेंद्र का संचालन एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। बिजनेस प्लान के तहत कुल पांच करोड़ की लागत से बनकर संबंधित विद्युत उपकेंद्र के संचालन से लगभग दो लाख की आबादी को सुचारु बिजली मिलेगी।
इन उपकेंद्रों के संचालन से न सिर्फ लो वोल्टेज की समस्या दूर होगी, बल्कि बार बार की ट्रिपिंग से भी लोगों को राहत मिलेगी। इसके अलावा बुनकर उद्योग को भी व्यापक लाभ मिलेगा। पॉवर कॉरपोरेशन अधिकारियों के अनुसार बलया जगदीशपुर विद्युत उपकेंद्र का आंशिक रूप से संचालन किया जा रहा है। सितंबर माह के अंत में दोनों विद्युत उपकेंद्र का पूर्णत: संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा।
उपभोक्ताओं को सुचारु रूप से बिजली उपलब्ध हो सके, इसके लिए पॉवर कॉरपोरेशन द्वारा लगातार ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। बीते दिनों बुनकर नगरी टांडा के खासपुर व बलया जगदीशपुर में 5-5 एमवीए क्षमता के दो विद्युत उपकेंद्र के निर्माण को शासन ने मंजूरी प्रदान की थी।
बिजनेस प्लान के तहत ढाई-ढाई करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले प्रत्येक विद्युत उपकेंद्र के निर्माण कार्य को सितंबर माह तक तक पूर्ण कर संचालन प्रारंभ करने का निर्देश दिया गया था। बीते दिनों ही दोनों विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण कर लिया गया। गत दिवस बलया जगदीशपुर विद्युत उपकेंद्र का ट्रॉयल भी किया गया और उससे आंशिक रूप से विद्युत की आपूर्ति भी शुरू की गई।
पॉवर कारपोरेशन के अनुसार शीघ्र ही दोनों उपकेंद्रों से पूर्ण रूप से सुचारु ढंग से विद्युत आपूर्ति प्रारंभ कर दी जाएगी। इन उपकेंद्रों के कार्य करने से लगभग दो लाख की आबादी को सुचारु बिजली मिलने का मार्ग प्रशस्त होगा। न सिर्फ उन्हें सुचारु बिजली मिलेगी, बल्कि लो वोल्टेज व बार बा रकी ट्रिपिंग से भी उन्हें राहत मिलेगी।
खासपुर व बलया जगदीशपुर में स्थापित 5-5 एमवीए क्षमता के दो उपकेंद्रों के शीघ्र संचालन का बुनकरों ने बढ़ चढ़कर स्वागत किया है। पॉवरलूम संचालक अब्दुल रब व हमीद रब्बानी ने कहा कि दोनों विद्युत उपकेंद्र का संचालन शुरू होने से कपड़ा उद्योग को व्यापक लाभ मिलेगा। लो वोल्टेज व बार बार की ट्रिपिंग से पॉवरलूम संचालन में दिक्कत आ रही थी। इन दोनों विद्युत उपकेंद्र का संचालन शुरू होने इससे राहत मिलेगी। मोहम्मद रसूल व रफीक ने कहा कि बुनकर नगरी टांडा में कपड़ा उद्योग को देखते हुए उपकेंद्रों की संख्या बढ़ाए जाने की सख्त जरूरत थी। जो उपकेंद्र कार्य कर रहे हैं, उन पर लोड अधिक है। इसी के चलते सुचारु बिजली नहीं मिल पाती, जिसका सीधा प्रभाव कपड़ा उद्योग पर पड़ता है। इन दोनों के संचालन से पूर्व में संचालित उपकेंद्रों पर लोड कम होगा।
टांडा के अधिशाषी अभियंता विद्युत नजमुल हुदा ने बताया कि पांच करोड़ रुपये की लागत से दो विद्युत उपकेंद्रों का निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका है। शीघ्र ही इनका संचालन प्रारंभ कर दिया जाएगा। इसका उपभोक्ताओं को सुचारु लाभ मिलेगा।