अंबेडकरनगर। छह वर्ष पूर्व बसखारी थाने में हुए रोडवेज बस कंडक्टर प्रेम कुमार हत्याकांड के दो दोषियों को विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट रामबिलास सिंह ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 20-20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
बसखारी थाने में 31 मार्च 2018 को दर्ज कराए केस में हजियापुर निवासी वादी कुसुम ने कहा कि वह दिन में दो बजे चायपत्ती खरीदने गांव के बाहर नहर तक गई थी। वहां देखा कि गांव निवासी सुभाष यादव व पप्पू यादव उनके भाई की पिटाई कर रहे हैं। इसी बीच गला दबा देने से उनके भाई की मौत हो गई। वह बेसुध अवस्था में एंबुलेंस से सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कुसुम की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपियों को जेल भेजा।
तहरीर में कुसुम ने आरोप लगाया था कि ताड़ी पीने का पैसा न देने के चलते ही दोनों ने उनके भाई की पिटाई की व गला दबाकर हत्या कर दी। जेल भेजे जाने के बाद दोनों जमानत पर रिहा हो गए थे। मामले की सुनवाई पूरी हुई। इसमें दोनों को घटना में दोषी पाया गया। विशेष न्यायाधीश रामबिलास सिंह ने दोनों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। उन पर अर्थदंड भी लगाया। आदेश में कहा गया कि अर्थदंड की अदायगी न करने पर एक-एक माह के अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
शामली कलक्ट्रेट में प्रदर्शन करते बसपा कार्यकर्ता । संवाद