अंबेडकरनगर। मौसम में बदलाव और जगह-जगह जलभराव के बीच जिले में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है। मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग को डेंगू के दो नए मरीज मिले, जबकि जिले में जापानी इंसेफेलाइटिस (जेई) का पहला मामला सामने आया। तीनों मरीजों का महामाया राजकीय मेडिकल कॉलेज सद्दरपुर में उपचार चल रहा है। मरीजों के मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है।
कटेहरी क्षेत्र के बेनीपुर गांव निवासी युवक को कई दिनों से बुखार था। परिजन उसे राजकीय मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। वहीं, भीटी क्षेत्र के परवरभारी गांव निवासी युवक को भी बुखार की शिकायत पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। जांच में उसके भी डेंगू संक्रमित होने की पुष्टि हुई।
इसी बीच जहांगीरगंज क्षेत्र के एक मरीज में जापानी इंसेफ्लाइटिस की पुष्टि हुई। यह जिले में जेई का पहला मामला है। तीनों मरीजों के सामने आने के बाद स्वास्थ्य टीमों ने प्रभावित क्षेत्रों में संक्रमितों के आसपास रहने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी है। विभाग की ओर से घरों और आसपास के क्षेत्रों में एंटी लार्वा का छिड़काव कराने के साथ कीटनाशक दवाओं का भी छिड़काव किया जा रहा है।
डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने के बाद विभाग ने चार स्थानों को हॉट स्पॉट चिह्नित किया है। इनमें बसखारी और रामनगर में एक-एक तथा टांडा में दो स्थान शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा बुखार आने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है।
डेंगू बुखार के लक्षण
जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. मनोज कुमार सिंह ने बताया कि अचानक तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, जोड़ों व मांसपेशियों में दर्द, थकान, जी मिचलाना, उल्टी, दस्त, त्वचा पर लाल चकत्ते तथा नाक, मसूड़ों या अन्य स्थानों से रक्तस्राव डेंगू के प्रमुख लक्षण हैं। संक्रमित होने के चार से छह दिन बाद ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं और 10 से 12 दिन तक बने रह सकते हैं।
पिछले साल मिले थे 161 डेंगू मरीज
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में डेंगू के 161 और मलेरिया के 22 मामले सामने आए थे। इस वर्ष अब तक डेंगू के 24 और मलेरिया के 10 मरीज मिल चुके हैं। मंगलवार को डेंगू के दो नए मरीज मिलने और जेई का पहला मामला सामने आने से विभाग की चिंता बढ़ गई है।
टीमों को किया गया सक्रिय
डेंगू और मलेरिया के मामले सामने आने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है। चार हॉट स्पॉट चिह्नित कर टीमों को सक्रिय किया गया है। सीएचसी प्रभारियों को निगरानी और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं।
- डॉ. प्रमोद कुमार, सीएमओ