अंबेडकरनगर। वर्ष 2014 में भीटी के खजुरी गांव में हुई मारपीट के मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी रामविलास सिंह ने दोषी राजकुमार गुप्ता व ओंकार सिंह को 10-10 साल के कारावास की सजा सुनाई है। इनके ऊपर सात-सात हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।
भीटी के खजुरी निवासी रामअजोर के मुताबिक उनका बेटा बृजेश कुमार उर्फ गौतम एमएमएम कंपनी में एजेंट का काम करता था। वह कंपनी से जुड़े ग्राहकों से रुपये लेकर कंपनी के खाते में जमा करता था। कुछ दिन बाद कंपनी भाग गई। 19 दिसंबर 2014 को उनका बेटा खजुरी बाजार स्थित अपनी कबाड़ की दुकान पर मौजूद था। तभी महरुआ बाजार निवासी राजकुमार गुप्ता व हिडी निवासी ओंकार सिंह, महरुआ बाजार निवासी राहुल सोनी व एक अन्य व्यक्ति के साथ बाइक से दुकान पर पहुंचे थे।
इसके बाद उनके बेटे बृजेश को हॉकी व बैट से पीटने लगे थे। मारपीट से उनके बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया था। जिसके बाद दो नामजद और एक अज्ञात पर एफआईआर दर्ज हुई थी। विवेचना के दौरान महरुआ बाजार निवासी राजकुमार गुप्ता का नाम प्रकाश में आया था। जिसके बाद पुलिस ने कोर्ट ने चार्जशीट दाखिल कर दी थी। तीसरे आरोपी राहुल सोनी की विचारण के दौरान मौत हो चुकी है। इसी मामले में शुक्रवार को कोर्ट ने दोनों को सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।