पुलिस के साथ मिलकर स्वास्थ्य टीम ने डाला छापा
जहांगीरगंज थाने में दर्ज हुआ दोनों के संचालकों पर केस
संवाद न्यूज एजेंसीजहांगीरगंज (अंबेडकरनगर) अवैध ढंग से चल रहे दो निजी अस्पतालों पर शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पुलिस के सहयोग से छापा मारकर उसे सील कर दिया। मौके पर मिले लोग कोई वैध कागजात नहीं दिखा सके। इस पर दोनों अस्पताल के संचालकों के खिलाफ बाद में जहांगीरगंज थाने में केस दर्ज करा दिया गया। छापेमारी की इस घटना के बाद आलापुर तहसील के कई निजी क्लीनिक संचालक भी शटर गिराकर अन्यत्र निकल गए।
सीएमओ डॉ. राजकुमार से बीते दिनों कुछ लोगों ने शिकायत किया कि जहांगीरगंज बाजार के बाउली चौक के निकट माडरमऊ मार्ग पर दो अस्पताल अवैध ढंग से संचालित हैं। न तो संबंधित अस्पतालों के संचालन के लिए लाइसेंस है और न ही संचालकों के पास किसी भी प्रकार की डिग्री ही है। पुलिस विभाग ने भी इस बारे में कार्रवाई के लिए कहा था क्योंकि बीते दिनों एक किशोरी से दुष्कर्म के बाद उसका मनमाने ढंग से उपचार करने का मामला सामने आया था।
इस बीच सीएमओ के निर्देश पर शनिवार सुबह डिप्टी सीएमओ डॉ. संजय वर्मा व डॉ. आशुतोष सिंह ने सीएबसी जहांगीरगंज प्रभारी डॉ. उदयचंद यादव एवं जहांगीरगंज पुलिस टीम के साथ जेपी हॉस्पिटल व उसके बगल स्थित विकास आर्थो पर एक साथ छापा मारा। इससे वहां अफरातफरी मच गई। मौका देखकर ज्यादातर कर्मचारी भाग निकले।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार जेपी हॉस्पिटल के संचालक जामवंत यादव व विकास आर्थो के संचालक बिपिन कुमार से जब अस्पताल के संचालन से संबंधित कागजात मांगे गए तो वह उपलब्ध नहीं कराए जा सके। संचालन के लिए लाइसेंस भी नहीं लिया गया था। इस पर दोनों अस्पतालों को सील कर दिया गया। तय हुआ कि प्रकरण में वैधानिक कार्रवाई भी अमल में लाई जाए। सीएमओ को पूरे प्रकरण से अवगत कराया
गया। उनके निर्देश पर सीएचसी प्रभारी उदयचंद्र ने जहांगीरगंज थाने पहुंचकर पूरे मामले में पुलिस को तहरीर सौंपी। तहरीर के आधार पर जहांगीरगंज पुलिस ने दोनों अस्पताल संचालक जेपी यादव व बिपिन कुमार के खिलाफ अलग अलग धाराओं में केस दर्ज कर लिया। पुलिस ने मामले में छानबीन शुरू कर दी है।