अंबेडकरनगर। अकबरपुर के बरियावन बाजार में कीमती जमीन पर कब्जे के लिए 11 मकानों और दुकानों को जेसीबी से ढहाने के मामले में पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया है। दोनों से पूछताछ कर घटना में उनकी भूमिका की जांच की जा रही है। मामले में अब तक 13 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। हालांकि, मुख्य साजिशकर्ता अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
20 सितंबर की रात बरियावन-किछौछा मार्ग पर 50 से अधिक लोगों ने तीन जेसीबी लगाकर 11 मकानों और दुकानों को ध्वस्त कर दिया था। घटना के बाद पुलिस ने खतौनीधारक इंद्रजीत वर्मा, मुख्य सूत्रधार राहुल चौधरी, फत्तेपुर अरिया बाजार निवासी विनय वर्मा, इस्माइलपुर निवासी अमित कुमार और सम्मनपुर के बरौरा पयागपुर निवासी युवराज समेत 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार मुख्य आरोपियों की लोकेशन दूसरे प्रांतों में मिली थी। एसओजी की दबिश की भनक लगने पर वे भूमिगत हो गए। पुलिस टीमें गैर प्रांतों में दबिश देकर लौट आई हैं। मामले में खाकी, सफेदपोश और भूमाफिया से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एक बड़े उद्यमी का नाम भी सामने आने की बात कही जा रही है।
सीओ अरुण कुमार नौहवार ने बताया कि संदिग्धों से पूछताछ जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
हेड कांस्टेबल पर कार्रवाई का इंतजार
सूत्रों के अनुसार घटना की रात बरियावन में गश्त के लिए निलंबित दरोगा, हेड कांस्टेबल और सिपाही के अलावा एक अन्य हेड कांस्टेबल भी तैनात था। दरोगा समेत कुछ पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन उक्त हेड कांस्टेबल के खिलाफ अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।