आलापुर (अंबेडकरनगर)। तहसील आलापुर क्षेत्र में सोमवार को कब्रिस्तान में नवजात शिशु का शव दफनाने को लेकर दो समुदायों के लोग आमने-सामने आ गए। विवाद बढ़ने की जानकारी मिलते ही कई एसडीएम, सीओ, थानाध्यक्ष भारी पुलिस व पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंचे। करीब तीन घंटे तक चले हंगामे के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक कराया गया। साथ ही समस्या के निदान के लिए आगामी 23 जनवरी को महापंचायत पर सहमति बनी। एहतियातन गांव में पीएसी तैनात की गई है।
थाना कटका क्षेत्र के ग्राम न्यौरी में सोमवार को एक समुदाय के नवजात शिशु का निधन हो गया था। इस पर परिजन शव को दफनाने के लिए बसखारी के ग्राम रुस्तमपुर स्थित कब्रिस्तान पहुंचे। इसकी जानकारी लगते ही रुस्तमपुर गांव के दूसरे समुदाय के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। देखते हुए देखते दोनों गांवों के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। भाजपा मंडल अध्यक्ष विनय पांडेय, भाजपा नेता राकेश पांडेय, राजाबाबू गुप्ता रुस्तमपुर के ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर पहुंच गए। मामले की जानकारी लगते ही आलापुर एसडीएम सुभाष सिंह, सीओ रामबहादुर के अलावा एसडीएम जलालपुर पवन जायसवाल, एसडीएम टांडा डॉ. शशिशेखर कई थानों की पुलिस और पीएसी बल के साथ मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों के मुताबिक ग्राम न्यौरी गांव के लोग शव को सुपुर्द-ए-खाक करने के लिए बसखारी के रुस्तमपुर गांव स्थित कब्रिस्तान वर्षों से ले जाते रहे हैं। इसे लेकर रुस्तमपुर के ग्रामीण पिछले काफी समय से विरोध करते चले आ रहे हैं। इनका कहना है कि न्यौरी में कब्रिस्तान की भूमि उपलब्ध होने के बाद भी वे लोग यहां आते हैं। वहीं न्यौरी गांव के लोगों का तर्क है कि वह पूर्वजों के जमाने से इसी कब्रिस्तान में शवों को दफन कर रहे हैं। इसलिए यह सिलसिला आगे भी जारी है। करीब तीन घंटे चले हंगामे के बाद मासूम के शव को अधिकारियों की मौजूदगी में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। साथ ही इस समस्या के निदान के लिए दोनों गांव के लोगों की महापंचायत 23 जनवरी को बुलाई गई है।
इसमें दोनों पक्षों से वार्ता कर स्थायी निराकरण का प्रयास किया जाएगा। फिलहाल रुस्तमपुर में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी व पुलिस बल तैनात है। एसडीएम सुभाष सिंह ने बताया कि मौके पर शांति बनी हुई है। महापंचायत में समस्या का हल निकाला जाएगा।