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ट्रक ने बाइक सवार दो शिक्षकों को रौंदा

Mon, 11 Jul 2016 11:14 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/अंबेडकरनगर
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जहांगीरगंज में सोमवार को शिक्षकों की मौत के बाद थाने में जुटे परिवारीजन व अन्य। - फोटो : अमर उजाला
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एक ही बाइक से ड्यूटी पर जो रहे राजकीय परिषदीय विद्यालय के दो युवा शिक्षकों को सोमवार सुबह ट्रक ने रौंद दिया। इससे एक की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि गंभीर दशा में आजमगढ़ जिला अस्पताल ले जाते समय दूसरे शिक्षक ने भी दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने तहरीर के आधार पर अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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उधर, घटना के बाद दोनों ही परिवारों में कोहराम मचा है। जहांगीरगंज थाना अंतर्गत नसरीपुर छितौनी गांव निवासी सूर्यप्रकाश तिवारी (25) पुत्र विद्याप्रसाद व केसरपुर गांव निवसी भारतेंदु मिश्र (28) पुत्र रघुराज की तैनाती सिद्धार्थनगर जनपद के एक प्राथमिक विद्यालय में बीते वर्ष ही हुई थी। वे प्रतिदिन एक ही बाइक से विद्यालय जाते थे।

प्रतिदिन की तरह ही दोनों सोमवार भोर में लगभग साढ़े चार बजे विद्यालय जाने के लिए निकले। बावली चौक के निकट अतरौलिया की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। इससे दोनों सड़क पर गिर पड़े। ट्रक सूर्यप्रकाश को रौंदते हुए निकल गया जबकि भारतेंदु के दोनों पैर पर ट्रक का पिछला पहिया चढ़ गया।
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देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए। घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोगों ने भाग रहे ट्रक का पीछा करने का भी प्रयास किया लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच ट्रक की चपेट में आए सूर्यप्रकाश की घटनास्थल पर ही मौत हो गई जबकि भारतेंदु की सासें चल रही थीं लेकिन वह बेहोश था।

आनन-फानन में गंभीर अवस्था में उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत की गंभीरता को देखते हुए परिवारीजन उसे लेकर आजमगढ़ के लिए निकल गए। इस बीच रास्ते में ही भारतेंदु ने दम तोड़ दिया।

सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बाद में सूर्यप्रकाश के पिता विद्याप्रसाद की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात के विरुद्ध केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी। प्रभारी एसओ राधेश्याम शर्मा ने बताया कि छानबीन की जा रही है।

उधर, घटना से दोनों परिवारों में कोहराम मचा हुआ है। घटना की जानकारी होते ही परिवारीजनों को ढांढस बंधाने के लिए बड़ी संख्या में शिक्षक, गणमान्य लोग गांव पहुंचने लगे। किसी की समझ में नहीं आ रहा था कि वे किस प्रकार ढांढस बंधाएं। बताया जाता है कि सूर्यप्रकाश का अभी दिसंबर में ही विवाह हुआ था जबकि भारतेंदु का 18 अप्रैल को गौना हुआ था।
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